अब तक इन देशों ने दी सहमति
सरकार के मुताबिक, ऑस्ट्रेलिया, बांग्लादेश, चेक गणराज्य, मिस्र, एस्टोनिया, फिनलैंड, जर्मनी, इंडोनेशिया, जापान, केन्या, मलेशिया, माल्टा, मोरक्को, मोजाम्बिक, नेपाल, नीदरलैंड, नॉर्वे, पोलैंड, कोरिया गणराज्य, रवांडा, सिंगापुर, तंजानिया, थाईलैंड, संयुक्त अरब अमीरात, यूनाइटेड किंगडम, उरुग्वे, घाना और वियतनाम भागीदारों के रूप में शामिल होने के लिए सहमत हुए हैं।
इन संगठनों ने भी की भागीदार बनने की पुष्टि
साझेदार संगठनों में अमेरिकन चैंबर ऑफ कॉमर्स इन इंडिया (एएमसीएचएएम इंडिया), ईपीआईसी इंडिया-यूनिवर्सिटी ऑफ शिकागो, इंडो-अमेरिकन चैंबर ऑफ कॉमर्स (आईएसीसी), इंडो-अफ्रीकन चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री, इंटरनेशनल सोलर अलायंस, जापान एक्सटर्नल ट्रेड ऑर्गनाइजेशन (जेट्रो), कोरिया ट्रेड एंड इन्वेस्टमेंट एजेंसी शामिल हैं।
सरकार ने कहा, प्रत्येक भागीदार देश और संगठन वीजीजीएस की सफलता में योगदान देकर द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने सहयोग, व्यापार और निवेश के अवसरों को आगे बढ़ाने के लिए विभिन्न प्लेटफार्मों के जरिए वीजीजीएस को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
बयान में कहा गया है, सेमीकंडक्टर्स, ग्रीन हाइड्रोजन, ई-मोबिलिटी, नवीकरणीय ऊर्जा और फिनटेक जैसे उभरते क्षेत्रों पर फोकस करने के साथ निवेश को आकर्षित करने के लिए आगामी वीजीजीएस 2024 को एक प्रभावी मंच के रूप तैयार किया गया है। शिखर सम्मेलन की सफलता के लिए महत्वपूर्ण साझेदार देश और साझेदार संगठन विकास Bharat@2047 के व्यापक दृष्टिकोण के अनुरूपसेमिनारों में सक्रिय रूप से भाग लेकर योगदान देंगे।