कश्मीर घाटी में पत्थरबाज उग्र भीड़ पर काबू पाने के लिए सुरक्षा बल अब शिमला मिर्च से बनी आंसू गैस का इस्तेमाल करेगी। सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अगले महीने तक सुरक्षा बलों के इस्तेमाल के लिए आंसू गैस के गोले तैयार हो जाएंगे। इस गैस को डिब्बों और गोलों में भरकर रखा जा सकता है।
सुरक्षा बल इस अहानिकारक गोले का इस्तेमाल देश में ऐसी किसी भी जगह कर सकते हैं जहां कानून-व्यवस्था की समस्या है लेकिन इसकी सबसे बड़ी खेप घाटी में ही भेजी जाएगी क्योंकि वहां आए दिन विरोध प्रदर्शन और सुरक्षा बलों पर पत्थर फेंकने की घटनाएं होती रहती हैं।
इन गोलों को बीएसएफ के टनकपुर (मध्य प्रदेश) स्थित टियर स्मोक यूनिट (टीएसयू) में बनाया जा रहा है। सुरक्षा बलों के सूत्रों के मुताबिक, कश्मीर में तैनात जवानों ने बताया था कि पावा (पेलार्गोनिक एसिड वैनाइली एमाइड) विवादास्पद पैलेट गन का कारगर विकल्प नहीं है इसलिए उन्हें प्रदर्शनकारियों और पत्थरबाजों पर काबू पाने के लिए दूसरे अहानिकारक हथियार दिए जाएं।