प्रतीकात्मक तस्वीर
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दरअसल, तीसरा कत्ल जब हुआ तो मामला पुलिस के पास पहुंच गया और वो छानबीन में लग गए। चूंकि उस समय तक बच्ची की लाश नहीं मिली थी, इसलिए पुलिस ने गायब होने की रिपोर्ट लिखी थी। जिस बच्ची का कत्ल हुआ था, उसकी मां को ये शक था मुकेश (बदला हुआ नाम) उसके बारे में जरूर जानता है, क्योंकि वो उस समय उसी जगह पर था, जहां बच्ची थी। पहले तो पुलिस ने इसे नजरअंदाज कर दिया, क्योंकि उन्हें लगा कि एक आठ साल का बच्चा कैसे बता सकता है कि बच्ची कैसे गायब हुई। हालांकि बाद में जब बच्ची की मां की ओर से दबाव बढ़ा तो पुलिस पूछताछ के लिए बच्चे के पास गई।