यहां हम ओमान के खिमजी रामदास ग्रुप (केआर ग्रुप) के निदेशक शेख कनकसी खिमजी की बात कर रहे हैं। कनकसी खिमजी दुनिया के एकमात्र ऐसे हिंदू हुए जिन्हें शेख की उपाधि मिली थी। कनकसी खिमजी ने 18 फरवरी 2021 को 85 वर्ष की आयु में दुनिया को अलविदा कह दिया था।
दिवंगत हिंदू शेख खिमजी परिवार के प्रमुख थे। यह परिवार ओमान का सबसे प्रतिष्ठित कारोबारी परिवार है, जिनकी जड़ें भारत के गुजरात से जुड़ी हैं। फोर्ब्स की रिपोर्ट के मुताबिक, कनकसी खिमजी का जन्म 1936 में मस्कट में हुआ था और उनकी शिक्षा मुंबई में पूरी हुई थी। खिमजी ने करीब पांच दशकों तक केआर ग्रुप के कारोबार का नेतृत्व किया।
Mystery of Mummy: 2200 साल पुरानी ममी के बालों ने खोला ऐसा रहस्य, जानकर कांप जाएगी आपकी रूह
शेख कनकसी खिमजी ने ओमान के सामाजिक और अर्थव्यवस्था के विकास में उत्कृष्ट योगदान दिया, जिसके लिए उन्हें वहां की नागरिकता दी गई। इसके साथी ही खिमजी को शेख की उपाधि से सम्मानित किया गया। इससे वे पूरे इस्लामी जगत में एकमात्र हिंदू शेख बन गए।
Nanda Devi: क्या है नंदा देवी चोटी पर परमाणु उपकरण का रहस्य और CIA से संबंध? क्या गंगी नदी पर है कोई खतरा
कब ओमान गया था खिमजी परिवार?
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कनकसी खिमजी के दादा रामदास ठक्करसे भारत के गुजरात से ओमान आए थे। यहां पर उन्होंने अपने व्यापार की शुरुआत की थी। बताया जाता है कि खिमजी परिवार के पूर्वज 1800 के शुरुआती दशक में ही नाव व्यापारी के रूप में पहली बार ओमान के सुर पहुंचे थे। तभी से इस परिवार का आमोन से पारिवारिक जुड़ाव है। यह परिवार भारत से अनाज, चाय और मासाला लाते थे और ओमान से खजूर, नींबू और लोबान वापस लेकर आते थे।
Nostradamus: 2026 में छिड़ेगा महायुद्ध और खत्म हो जाएगी दुनिया, नास्त्रेदमस की भविष्यवाणियों ने डराया
रामदास ठक्करसे ने 1870 में ओमान में अपने व्यापार को बढ़ता देखकर इसे भारत से मस्कट शिफ्ट कर लिया। फिर बाद में उनके बेटे रामदास खिमजी ने ओमान में उनके व्यापार को दुनिया में बढ़ाया। एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, जब खिमजी परिवार ने ओमान अपना व्यापार शुरू किया था, तो वहां तेल के भंडार नहीं मिले थे।
Total Solar Eclipse: धरती पर छा जाएगा अंधेरा, दिन में दिखने लगेंगे तारे और ग्रह, नासा ने बता दिया सबकुछ
उस समय खिमजी परिवार ने ओमान के सुल्तान सईद को जरूरत पड़ने पर कर्ज भी दिया था। सुल्तान काबूस ने शासक बनने पर खिमजी परिवार को ओमान की नागरिकता दी। कनकसी खिमजी ने अपने परिवार के विरासत को आगे बढ़ाया और पिता गोकलदास से व्यापार की सभी जिम्मेदारी ले ली।