दिल्ली का एक नजारा (प्रतीकात्मक तस्वीर)
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भूगर्भशास्त्रियों के अनुसार दिल्ली और उत्तर भारत में छोटे-मोटे झटके या आफ्टरशॉक्स तो आते ही रहेंगे, लेकिन जो बड़ा भूकंप होता है उसकी वापसी पांच वर्ष में जरूर होती है और इसीलिए ये चिंता का विषय है। वैसे भी दिल्ली से थोड़ी दूर स्थित पानीपत इलाके के पास भूगर्भ में फॉल्ट लाइन मौजूद है, जिसके चलते भविष्य में किसी बड़ी तीव्रता वाले भूकंप की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
वाडिया इंस्टिट्यूट ऑफ हिमालयन टेक्नोलोजी के प्रमुख भूगर्भशास्त्री डॉक्टर कालचंद जैन मानते हैं कि, 'किसी बड़े भूकंप के समय, स्थान और रिक्टर पैमाने पर तीव्रता की भविष्यवाणी नहीं की जा सकती।' लेकिन उन्ही के मुताबिक, 'हम इस बात को भी कह सकते हैं कि दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में सीस्मिक गतिविधियां सिलसिलेवार रहीं हैं और वे किसी बड़े भूकंप की भी वजह हो सकती हैं।'