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क्या है मदर ऑफ ऑल बॉम्ब्स? जिसे ईरान पर गिरा सकता है अमेरिका

Sat, 17 Oct 2026 05:37 PM IST
धर्मेंद्र कुमार सिंह फीचर डेस्क, अमर उजाला

सार

अमेरिका और ईरान में टकराव के बीच अमेरिका राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ परमाणु हथियारों के इस्तेमाल की संभावना को खारिज कर दिया है। हालांकि, उन्होंने संकेत दिया है कि ईरान पर अमेरिका  मदर ऑफ ऑल बॉम्ब्स गिरा सकता है। 
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क्या है मदर ऑफ ऑल बॉम्ब्स? - फोटो : AI
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विस्तार
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ईरान और अमेरिका के बीच तनाव चरम पर है। दोनों के देशों के टकराव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ परमाणु हथियारों के इस्तेमाल की संभावना को खारिज कर दिया है। उन्होंने  ईरान में अमेरिकी सैनिकों की तैनाती को लेकर भी कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई। हालांकि, अमेरिकी सेना अब ईरान के एनर्जी इन्फ्रास्ट्रक्चर और परमाणु सुविधाओं पर नए हमले के विकल्प तैयार कर रही है। इसमें अमेरिका मदर ऑफ ऑल बॉम्ब्स का इस्तेमाल कर सकता है। 

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अमेरिका राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मदर ऑफ ऑल बॉम्ब्स पर बात करते हुए साफ किया कि जिस हथियार की चर्चा की जा रही है, वो परमाणु हथियार नहीं है। उन्होंने कहा कि ईरान के खिलाफ अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए अमेरिका को परमाणु हथियारों की मदद की आवश्यकता नहीं है। ट्रंप ने कहा कि मदर ऑफ ऑल बॉम्ब्स परमाणु हथियार नहीं है। यह बिल्कुल भी परमाणु हथियार नहीं है। मदर ऑफ ऑल बॉम्ब्स बस एक बहुत बड़ा बम है, लेकिन यह परमाणु बम नहीं है। मैं इस युद्ध में परमाणु हथियारों इस्तेमाल नहीं करूंगा, क्योंकि हमें ऐसा करने की जरूरत नहीं है। 

क्या है मदर ऑफ ऑल बॉम्ब्स? 

यह दुनिया के सबसे खतरनाक हथियारों में शामिल है। तकनीकी भाषा में GBU-43/B कहा जाता है, जो एक सामान्य यानी नॉन-न्युक्लियर (गैर-परमाणु) बम है। इससे साफ है कि इसके इस्तेमाल से किसी भी परमाणु आपदा जैसी तबाही नहीं फैलती है। अमेरिकी वायु सेना अनुसंधान प्रयोगशाला ने इस बम को बनाया है। 
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इस बम का वजन करीब  9,800 किलोग्राम है, लंबाई लगभग 9.1 मीटर है। इसमे करीब 8,480 किलोग्राम विस्फोटक पदार्थ मौजूद हैं, जो करीब 11 टन टीएनटी के बराबर विस्फोट उत्पन्न करता है। इस बम को दुश्मन के ठिकानों, सैन्य उपकरणों और शत्रु सेनाओं वाले बड़े क्षेत्रों को निशाना बनाने के लिए बनाया गया है। इसमें परमाणु हथियारों के विपरीत, एमओएबी पारंपरिक विस्फोटकों का इस्तेमाल किया जाता है और यह रेडियोधर्मी विकिरण उत्पन्न नहीं करता है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस बम को 2003 में विकसित और परीक्षण किया गया था।

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कैसे पड़ा इसका नाम? 

इस बम का आधिकारिक नाम मैसिव ऑर्डनेंस एयर ब्लास्ट है, जिसे संक्षेप में MOAB कहा जाता है। हालांकि, यह अपने विशाल आकार और अपने विनाशकारी शक्ति की वजह से सभी बमों की जननी (मदर ऑफ ऑल बॉम्ब्स) के रूप में लोकप्रिय हो गया। अमेरिकी वायु सेना ने मार्च 2008 में पांच साल बाद इसे सभी बमों की जननी के रूप में जाना जाता है शीर्षक वाले एक लेख में इस उपनाम को स्वीकार किया। अमेरिका ने पहली बार 13 अप्रैल 2017 को इस्तेमाल किया था। अफगानिस्तान के नंगरहार प्रांत में इस्लामिक स्टेट के आतंकवादियों को निशाना बनाते हुए युद्ध में एमओएबी का इस्तेमाल किया गया था।

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