इस स्टोरी में आप पढ़कर हैरान रह जाएंगे कि दुनिया भर में औरतों को कितनी आम चीजें भी करने पर कई लोगों और सरकारों ने नाराजगी जताई।
मिक डॉटकॉम के मुताबिक सबसे पहले मामला इसमें शामिल किया गया है युगांडा का जिसमें औरतों का मिनीस्कर्ट पहनने को बैन कर दिया गया।
इस पोर्नोग्राफी से जोड़कर देखा गया और माना गया कि मिनी स्कर्ट पहनने वाली औरतें समाज में अश्लीलता प्रसोस रही हैं।
कुछ मर्दों ने तो मिनीस्कर्ट पहनी हुई औरतों की ड्रेस को जबरदस्ती खींच कर उन्हें अर्ध-नग्न कर दिया। वो ऐसा करके सरकार को एंटी-पोर्नोग्राफी के नियम को जल्द से जल्द हरकत में लाने की मांग कर रहे थे।
हंसने की हुई मनाही
तुर्की के उप प्रधानमंत्री बुलनेट अर ने नैतिकता की बात करते हुए औरतों को समाज में जोर से हंसने पर बैन लगाया। उनका कहना था कि अगर वो जोर से हंसेंगी नहीं तो उनकी सुरक्षा बनी रहेगी।
इस बयान पर तुर्की की महिलाओं ने ऐसा विरोध प्रर्दशन किया जो एकदम अनूठा था। उन्होंने हंसते हुए अपनी कई तस्वीरें खींची और ट्विटर से लेकर फेसबुक हर जगह अपनी फोटो पोस्ट की।
उनके ट्वीट्स को दुनिया भर से 300000 से भी ज्यादा लोगों ने रीट्वीट किया। उप-प्रधानमंत्री ने तो औरतों की हंसी के अलावा उनके फोन पर अभद्र बातें करने को भी निशाना बनाया और मना किया।
योगा पैंट्स पहनने पर दिखाई नाराजगी
अमेरिका के मिशिगन में एक स्कूल ने छात्राओं को योगा पैंट्स पहनने से मना किया था। उनके मुताबिक स्किन टाइट योगा पैंट अभद्रता फैलाती है और साथ ही लड़कों के मन को भटकाने का भी काम करती है।
इस बैन पर लोगों के प्रतिक्रिया मिलीजुली थी। जहां कुछ लोग स्कूल के इस निर्णय से संतुष्ट नजर आए वहीं कई लोगों ने इसका याचिका दायर की और अपना विरोध जताया।
योगा पैंट्स ना पहनने की बात हैरान कर देने वाली थी। कपड़े नहीं इसमें पुरुषों की मानसिकता दोषी होती है। अगर वो ही खुले दिमाग के हो, तो ऐसा कुछ भी ना हो।
वर्ल्ड कप मैच पर प्रतिबंध
इरान ने औरतों को स्पोटर्स देखने की बगावत हमेशा से की है। ना वहां औरतों को नेशनल स्टेडियम में घुसने का अधिकार है और ना ही मर्दों के साथ बैठकर गेम देखने का।
जैसे-जैसे सॉसर का वर्ल्ड-कप नजदीक आया, वैसे ही इरान की सरकार ने सभी रेस्टोरेंट और होटलों में गेम को ना चलाने के ऑडर्स दे दिए। इरान औरतों का टीवी पर गेम देखा जाने के खिलाफ था।
लेकिन कुछ भी कहिए, इरान की औरतें भी इस खेल की इतनी दीवानी थीं कि उन्होंने इस अजीबोगरीब प्रतिबंध को मानने से इंकार कर दिया और मर्दों जैसे ही गेम का आनंद लिया।
लिपस्टिक लगाने पर भी प्रतिबंध
आपको जानकर हैरानी होगी कि बीबीसी जैसे नामी ब्रैंड ने बच्चों के लिए बनाए जाने वाले शो की एंकरों को लाल रंग का लिपस्टिक लगाने से मना कर दिया।
उनके मुताबिक इस रंग को बच्चों के शो पर लगाने की कोई जरूरत नहीं है। ये एक मादक रंग है और इससे वो काफी सेक्सी दिखेंगी।
ये औरतों को मादक बना देता है और इसलिए इसे लगाने की कोई जरूरत होने पर बीबीसी ने ऐतराज जताया। है ना बिल्कुल अजीब सा फैसला?
वेटर बनकर काम नहीं करेंगी महिलांए
इरान के कमांडर खलिल हेलाली ने घोषणा कि महिलाएं समाज में होटल, ढाबे, चाय की दुकानों और रेस्टोरेंट जैसी जगहों पर काम नहीं कर सकती हैं।
उन्हें केवल किचन में काम करने की आजादी है। इस मामले पर कई आलोचकों ने अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि इससे तो बस महिलाओं के रोजगार के स्तर में गिरावट आएगी। ये स्तर पर पहले से ही गिरकर 18.9 पर पहुंचा हुआ है।
ये अगर कानून बना तो उन औरतों को भी खासी मुसीबतों को सामना करना पड़ेगा जो अन्य देशों से आकर वहां रेस्टोरेंट में वेटरेस का काम करती हैं।
बढ़ावे की बात पर मिला झटका
माइक्रोसॉफ्ट के सीइओ सत्या नडेला इस साल एरिजोना के फीनिक्स के ग्रेस हॉपर सेलिब्रेशन में आकर गलती ही कर दी।
औरतों से भरे हुए ऑडियंस के बीच जब एंकर ने उनसे ये पूछा कि महिलाओं को ऑफिस में अपनी तरक्की की बात कैसे रखनी चाहिए, तो इस पर नडेला कि विवादास्पद टिप्पणी ने सबको हैरानी में डाल दिया।
उनके जबाव ने इस बात को साफ कर दिया कि क्यों अमेरिका जैसी जगहों में भी औरतें मर्दों के बराबर सैलरी की हकदार आसानी से नहीं मिल पाती हैं।
नडेला की टिप्पणी थी कि महिलोओं को सैलरी इंक्रिमेंट के लिए कर्म पर भरोसा रखना चाहिए। कंपनी फिर उन्हें खुदबखुद ही तरक्की देगी।
साउदी अरब के मर्दों से नहीं कर सकती शादी
अगर आप पाकिस्तान, बांग्लादेश, म्यांनमार या फिर चैद से हैं और महिला हैं तो आप साउदी कानून के मुताबिक साउदी अरब के मर्द से निकाह नहीं कर सकती हैं।
साउदी अरब की सरकार ने हाल ही में शादी को लेकर अपने नियमों कड़े किए और इसकी साफ वजह नहीं बताई।
इस नियम को साउदी की मानसिकता के जैसे ही औरतों पर संपूर्ण कंट्रोल का एक एक्सटेंशन माना गया।