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मसीहा बना बिजनेसमैन, सऊदी में भारतीयों को बचाने के लिए हर साल पानी की तरह बहा देता है करोड़ों

Fri, 23 Feb 2018 09:31 AM IST
फीचर डेस्क, अमर उजाला
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UAE
विदेश में कोई अपने देश का मिल जाए तो ऐसा लगता है जैसे कोई अपना मिल गया हो। ऐसा लगता है जैसे हम उस शख्स को कितने सालों से जानते हैं। आज हम आपको एक ऐसे शख्स के बारे में बताने जा रहे हैं जो साउदी अरब में बहुत सारे भारतीयों के लिए किसी अपने से भी बढ़कर साबित हुए। यह शख्स ओर कोई नहीं भारत के पंजाब से अबू धाबी जाकर बिजनेस करने वाले एसपीएस ओबेरॉय है।
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दुबई में रहने वाले एसपीएस ओबेरॉय ने भारत से साउदी अरब में काम करने आए कई भारतीयों को जेल जाने या फांसी की सजा से बचाने के लिए मदद कि है। हर साल इस काम के लिए उन्होंने करोड़ों रुपए खर्च कर देते हैं। अब तक वह 50 से ज्यादा भारतीय युवाओं की मदद कर चुके हैं, जो सऊदी अरब में काम की तलाश में आए थे और यहां आकर उन्हें गलत अपराधों में फंसा दिया गया।
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ओबेरॉय हर साल भारतीयों को बचाने के लिए करोड़ों रुपए खर्च कर देते ते हैं। हर साल वह औसतन 36 करोड़ रुपए खर्च करते हैं। पिछले 12 साल से अपने एनजीओ सरबत दा भला के माध्यम से ओबेरॉय ने भारतीयों की मदद के लिए कई केस लड़े। साल 2006 से 2010 के बीच सऊदी में 123 युवकों को मौत की सजा और 40 साल तक जेल की सजा सुनाई गई थी। ये सभी युवक आर्थिक तौर पर कमजोर थे। इन सभी केस को ओबेरॉय ने लड़ा।
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अबू धाबी में 2015 में एक झड़प हो गई थी जिसमें 10 भारतीय युवकों को एक पाकिस्तानी युवक की हत्या का दोषी पाया गया था। इन युवकों को मौत की सजा सुनाई गई थी। जिसके बाद 2016 में इनकी सजा माफ करने के बदले ब्लड मनी जमा करवाने की मंजूरी दी थी। इस ब्ल्ड मनी को ओबेरॉय ने भरा था जो करीब 6.5 करोड़ रुपए थी। बता दें सऊदी के शरिया कानून के अनुसार हत्या करने के बाद उसकी सजा से बचने के लिए पीड़ित परिवार से सैटलमेंट किया जा सकता है। सैटलमेंट में दी जाने वाली रकम को ब्ल्ड मनी भी कहते हैं। 
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