मौत एक ऐसा शब्द, जिसे सुनते ही मन में सन्नाटा और आंखों में नमी उतर आती है। लेकिन क्या हो अगर विदाई का यह पल आंसुओं के बजाय संगीत और जश्न में बदल जाए? थाईलैंड से सामने आई एक घटना ने इसी सोच को हकीकत में बदल दिया है और अब यह दुनिया भर में चर्चा का विषय बनी हुई है।
यह मामला 59 वर्षीय विंट वोरापार्न का है, जिनका अंतिम संस्कार पारंपरिक तरीके से बिल्कुल अलग अंदाज में किया गया। जहां आमतौर पर अंतिम यात्रा में शोक और सन्नाटा होता है, वहीं यहां माहौल कुछ और ही था। ताबूत के सामने महिला डांसरों ने जोशीले अंदाज में परफॉर्मेंस दी, जिसे देखकर हर कोई हैरान रह गया।
मातम का माहौल अचानक बदला मस्ती में
दरअसल विंट लंबे समय से बीमार चल रहे थे और उन्होंने अपनी मौत से पहले एक अनोखी इच्छा जाहिर की थी। उनका मानना था कि जिंदगी को एक उत्सव की तरह जीना चाहिए, इसलिए विदाई भी उसी अंदाज में होनी चाहिए। उन्होंने साफ तौर पर कहा था कि उनके जाने के बाद कोई रोए नहीं, बल्कि खुशी के साथ उन्हें विदा किया जाए। इसी वजह से उन्होंने अपने अंतिम संस्कार में कोयोट डांसर्स को बुलाने की इच्छा जताई थी।
20 अप्रैल को नखोन सी थम्मारात प्रांत के वॉट थेप्पानोम चुआट मंदिर में जब अंतिम प्रार्थना खत्म हुई, तो माहौल अचानक बदल गया। चमकदार कपड़ों में सजी तीन डांसर मंच पर आईं और तेज संगीत की धुन पर ताबूत के सामने डांस करने लगीं। इस अनोखे दृश्य को वहां मौजूद लोग चुपचाप देखते रहे। किसी के चेहरे पर हैरानी थी, तो कोई इस पल को समझने की कोशिश करता नजर आया।
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लोगों ने दी प्रतिक्रिया
इस पूरे कार्यक्रम को लाइव स्ट्रीम किया गया, जिसके बाद यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। अब इस पर लोगों की राय बंटी हुई है। कुछ लोग इसे जिंदगी को सेलिब्रेट करने का अनोखा और सकारात्मक तरीका मान रहे हैं। उनका कहना है कि किसी व्यक्ति की आखिरी इच्छा का सम्मान करना सबसे जरूरी होता है।
वहीं, दूसरी ओर कई लोग इसे परंपराओं के खिलाफ और असंवेदनशील कदम बता रहे हैं। उनके अनुसार अंतिम संस्कार एक गंभीर और भावनात्मक पल होता है, जिसमें इस तरह का आयोजन उचित नहीं है। यह घटना एक बड़ा सवाल छोड़ जाती है, क्या विदाई का तरीका भी व्यक्ति की सोच के अनुसार बदल सकता है, या फिर परंपराओं का पालन ही सही रास्ता है?