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जब एक 'बाल्टी' के लिए दो राज्यों में हुआ था भीषण युद्ध, मारे गए थे 2000 सैनिक

Sun, 15 Mar 2020 03:33 PM IST
सोनू शर्मा फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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एक बाल्टी के लिए हुई थी भयानक लड़ाई - फोटो : Social media
दुनियाभर में एक से एक खतरनाक युद्ध हुए हैं, जिसमें हजारों-लाखों लोग मारे गए हैं। इनमें से अधिकतर युद्धों के पीछे बस एक ही मकसद होता था उस राज्य पर कब्जा करना यानी अपनी सत्ता का विस्तार करना। लेकिन आज से करीब 695 साल पहले एक ऐसा युद्ध लड़ा गया था, जो सिर्फ एक बाल्टी के लिए था। आपको जानकर हैरानी होगी कि इस भीषण युद्ध में 2000 से ज्यादा लोग मारे गए थे।  
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Social media
यह एतिहासिक घटना साल 1325 की है। दरअसल, उस समय इटली में धार्मिक तनाव काफी ज्यादा बढ़ गया था। यहां के दो राज्यों बोलोग्ना और मोडेना के बीच अक्सर लड़ाईयां होती रहती थीं, क्योंकि बोलोग्ना को ईसाई धर्मगुरु पोप का समर्थन मिला हुआ था जबकि मोडेना को रोमन सम्राट का समर्थन प्राप्त था। असल में बोलोग्ना के लोगों का मानना था कि पोप ही ईसाई धर्म के सच्चे गुरु हैं, जबकि मोडेना के लोग मानते थे कि रोमन सम्राट ही असली गुरु हैं। 
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एक बाल्टी के लिए हुई थी भयानक लड़ाई - फोटो : Social media
साल 1296 में बोलोग्ना और मोडेना के बीच एक लड़ाई पहले ही हो चुकी थी। इसके बाद से दोनों राज्यों के बीच हमेशा तनाव बना रहता था। कहते हैं कि रिनाल्डो बोनाकोल्सी के शासनकाल में मोडेना काफी ज्यादा आक्रामक हो गया था और अक्सर बोलोग्ना पर हमले करते रहता था। दोनों राज्यों के बीच का यह तनाव उस वक्त एक बड़ी लड़ाई में तब्दील हो गया, जब 1325 में मोडेना के कुछ सैनिक चुपचाप बोलोग्ना के एक किले में घुस गए और वहां से लकड़ी की एक बाल्टी चुरा ली।    

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
कहते हैं कि वह बाल्टी हीरे-जवाहरातों से भरी हुई थी। जब कीमती रत्नों से भरी बाल्टी की चोरी की बात बोलोग्ना की सेना को पता चली तो उन्होंने मोडेना से उसे वापस देने को कहा, लेकिन मोडेना ने इससे साफ इनकार कर दिया। इसके बाद बोलोग्ना ने मोडेना के खिलाफ युद्ध की घोषणा कर दी। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
बोलोग्ना के पास उस समय 32 हजार लोगों की सेना थी, जबकि मोडेना के पास सिर्फ सात हजार सैनिक थे। दोनों राज्यों के बीच सुबह-सुबह शुरू हुई लड़ाई आधी रात तक चली थी, लेकिन सबसे हैरानी की बात ये थी कि कम सैनिकों के बावजूद इस युद्ध में मोडेना की जीत हुई थी। इस युद्ध में दो हजार से भी ज्यादा सैनिक मारे गए थे। 
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एक बाल्टी के लिए हुई थी भयानक लड़ाई - फोटो : Social media
बोलोग्ना और मोडेना के बीच हुई इस लड़ाई को 'वॉर ऑफ द बकेट' या 'वॉर ऑफ द ऑकेन बकेट' के नाम से जाना जाता है। आज भी वह बाल्टी एक म्यूजियम में रखी हुई है, जिसके लिए भीषण युद्ध लड़ा गया था।     
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