भारतीय वन सेवा के अधिकारी ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर तस्वीर शेयर की है। इसके साथ ही उन्होंने लिखा, आप दुर्लभ तिब्बती भूरे भालू की पहली तस्वीर देख रहे हैं। भारतीय वन्य जीवों में एक और उपप्रजाति जुड़ गई है।
उन्होंने आगे कहा कि इस जानवर को सिक्किम फॉरेस्ट डिपार्टमेंट और WWF के संयुक्त प्रयास से सिक्किम के ऊंचे इलाकों में इसे कैमरे में कैद किया गया है। यानी अभी बहुत सारा भारत घूमना बाकी है।
अधिकारियों का कहना है कि मंगन जिले के हाई एल्टीट्यूड वाले इलाके पुचुंग लछेन्पा में कैमरे लगाए गए थे और दिसंबर 2023 में रात के समय इसमें भालू को रिकॉर्ड किया गया है। यह भूरे रंग के भालू अपनी शक्ल, आवास और व्यवहार के मामले में आम तौर पर मिलने हिमालयी काले भालू से बहुत अलग है।
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उन्होंने बताया कि सर्वाहारी उच्च ऊंचाई वाले अल्पाइन जंगलों, घास के मैदानों और 4000 मीटर से ऊपर के मैदानों में रहता है। यह पौधों को खाते हैं और जिंदा रहते हैं।
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तिब्बती भूरे भालू को तिब्बती नीले भालू के तौर भी जाना जाता है। यह दुनिया में भालू की सबसे दुर्लभ उप-प्रजातियों में से एक है। जंगलों को यह कभी नहीं दिखाई दिए हैं। सबसे खास बात यह है कि भारत में पहली बार यह देखा गया है। नेपाल, भूटान और तिब्बती पठार में इसे कई बार कैमरे में कैद किया गया है। पश्चिमी हिमालय, काराकोरम, हिंदू कुश, पामीर, पश्चिमी कुनलुन शान और दक्षिणी एशिया में तियान शान पर्वतमाला पर इनकी काफी है।