आज के दौर में जब हर चीज डिजिटल हो गई है, तो आंखों के सामने दिख रही हर चीज़ को सच मान लेना बहुत बड़ी गलती साबित हो सकती है। अब जमाना ऐसा आ गया है कि लोग वीडियो को एडिट करके या फिर एआई की मदद से इतना रियल दिखाने वाला कंटेंट बना देते हैं कि असली और नकली में फर्क करना मुश्किल हो जाता है। हाल ही में इंटरनेट पर ऐसा ही एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें एक टाइगर को इंसान पर हमला करते हुए दिखाया गया। पहली नजर में यह वीडियो इतना रियल लगा कि बहुत से लोगों ने इसे असली CCTV फुटेज समझ लिया, लेकिन सच्चाई कुछ और ही निकली। आइए जानते हैं।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
दरअसल सोशल मीडिया पर यह वीडियो ब्राह्मपुरी फॉरेस्ट गेस्ट हाउस का बताया जा रहा था। क्लिप में दिखता है कि एक सिक्योरिटी गार्ड गेस्ट हाउस के बाहर आराम से बैठा होता है और तभी अचानक एक बाघ तेजी से दौड़ता हुआ आता है और उस पर हमला कर देता है। आगे जो नजारा दिखता है, वो देखने वालों को झटका दे देता है। टाइगर गार्ड को खींच ले जाता है और सब कुछ बेहद रियल लगता है। लोगों को यह सब इतना असली लगा कि कुछ ही घंटों में वीडियो 90 हजार से ज्यादा बार देखा गया और 700 से ज्यादा यूजर्स ने लाइक और कमेंट कर दिए।
IFS अधिकारी ने बताई वीडियो की सच्चाई
लेकिन इसी बीच रिटायर्ड IFS अधिकारी सुशांता नंदा ने इस वायरल वीडियो का सच सबके सामने रख दिया। उन्होंने X पर इस वीडियो को शेयर करते हुए लिखा, “यह AI जनरेटेड वीडियो है। बाघ इंसानों का शिकार नहीं करते, वे सिर्फ भूख मिटाने के लिए शिकार करते हैं। कृपया ऐसे वीडियो देखकर भ्रम में न रहें।” उनके इस पोस्ट के बाद लोगों की आंखें खुल गईं और सब समझ गए कि ये पूरा वीडियो नकली था।
यूजर्स ने भी पकड़ी गलतियां
जिन लोगों ने पहले इसे असली मान लिया था, वो अब वीडियो को दोबारा ध्यान से देखने लगे। कई यूजर्स ने इसमें ऐसी गलतियां पकड़ लीं जो एक नॉर्मल इंसान को शायद पहली बार में न दिखें। किसी ने लिखा, “सोचिए, टाइगर ने 60 किलो के आदमी को खींच लिया, लेकिन एक भी पत्ता नहीं हिला।” जबकि दूसरे ने कहा, “ये AI का खेल है, और ऐसे फेक वीडियो सिर्फ सनसनी फैलाने का काम कर रहे हैं।” लोगों ने ये भी कहा कि ऐसे नकली वीडियो न सिर्फ इंटरनेट पर अफवाहें फैलाते हैं बल्कि असली वन्यजीव संरक्षण के प्रयासों को भी नुकसान पहुंचाते हैं।