आज की दुनिया एक्सपेरिमेंट की है। लोग घूमने से लेकर खाने तक की चीजों में खूब एक्सपेरिमेंट करते हैं। अब जब बात आ रही है खाने की तो आज कल के युवा हर जगह के फूड आइटम्स को चखने का शौक रखते हैं। फिर फर्क नहीं पड़ता है कि वह शाकाहारी है या मांसाहारी। यह आम सी बात है कि आजकल लोग बिना कुछ सोचे अच्छे स्वाद के पीछे भागते हैं। अब ऐसे में अगर हम आपको बताएं कि दुनिया में एक ऐसी जगह है, जहां सिर्फ शाकाहारी भोजन ही किया जाता है और यहां पर नॉनवेज खाने पर पूरी तरह बैन है तो आप चौंक जरूर जाएंगे। हालांकि, मजे की और दिलचस्प बात तो यह है कि यह शहर कहीं और नहीं बल्कि भारत में ही है। तो आज की इस खबर में हम आपको बताने जा रहे हैं कि भारत में वह कौन सी जगह है, जहां पर नॉनवेज खाना पूरी तरह से बैन है। आइए जानते हैं।
भारत का इकलौता शहर, जहां मांसाहारी भोजन है बैन
आपको बता दें कि गुजरात के भावनगर जिले में स्थित पालिताना अब केवल एक तीर्थस्थल नहीं रहा। यह दुनिया का पहला ऐसा शहर बन चुका है, जहां मांसाहार पूरी तरह से प्रतिबंधित है। यह कोई सरकारी नीति या चुनावी वादा नहीं था, बल्कि जैन साधु-संतों की यह मांग थी कि यहां पर मांस और अंडे की दुकाने बंद कर दी जाएं। यहां जानवरों का वध करना और मारना अपराध माना जाता है। यह नियम तोड़ना अब कानून का उल्लंघन माना जाता है और इसके लिए कानूनी कार्रवाई का प्रावधान भी है।
200 जैन मुनियों ने रखी यह मांग
इस बदलाव की शुरुआत तब हुई जब करीब 200 जैन मुनियों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए यह मांग रखी कि पालिताना में हिंसा का कोई स्थान नहीं होना चाहिए। उनके अथक प्रयासों और शांतिपूर्ण आंदोलन ने प्रशासन को जागरूक किया और अब करीब 250 मांस की दुकानों को बंद कर दिया गया। जैन धर्म में हर जीव चाहे वह छोटा कीड़ा हो या बड़ा प्राणी एक आत्मा से युक्त माना जाता है। इसलिए उनका वध करना जैन धर्म में अपराध माना गया है।
प्रशासन ने दिया यह आदेश
यही नहीं, आपको बता दें कि पालिताना की यह ऐतिहासिक पहल सिर्फ यहीं तक सीमित नहीं रही। राजकोट, वडोदरा, जूनागढ़ और अहमदाबाद जैसे शहरों ने भी इस सोच को अपनाते हुए सार्वजनिक स्थानों पर मांसाहारी भोजन की बिक्री और प्रदर्शन पर रोक लगा दी है। राजकोट प्रशासन ने विशेष रूप से आदेश जारी किया है कि मांस खुले में न पकाया जाए और न ही बेचा जाए, जिससे धार्मिक भावनाओं का सम्मान बना रहे और सामाजिक सौहार्द को बल मिले।