Ajab-Gajab: दुनिया में जीवों के रहस्यों को जानने के लिए वैज्ञानिक लगातार शोध कर रहे हैं। अब इस बीच वैज्ञानिकों ने व्हेल, डॉल्फिन और सील जैसे समुद्री स्तनधारी जीवों पर शोध किया है। इस शोध ने वैज्ञानिकों को भी हैरत में डाल दिया है। यह समुद्री स्तनधारी अत्यंत सामाजिक जीव होते हैं और समूहों में रहते हैं। वर्षों तक संबंध बनाते हैं और कभी तो दशकों तक उन्हीं साथियों के संपर्क में रहते हैं। इस सामाजिक जीवन से उन्हें कई फायदे मिलते हैं। हालांकि, एक नए अध्ययन में खुलासा हुआ है कि सामाजिक संबंध संक्रामक रोगों के प्रसार में भी अहम भूमिका निभाते हैं।
वैज्ञानिकों ने किया पुराने अध्ययनों का विश्लेषण
यह नया शोध जर्नल 'मैमल रिव्यू' में प्रकाशित किया गया है। इस शोध में वैज्ञानिको ने दुनियाभर के दशकों पुराने अध्ययनों का विश्लेषण किया गया है। शोध के मुताबिक, समुद्र में रोग प्रकोप सिर्फ इस बात पर निर्भर नहीं करते कि किसी इलाके में कितने जानवर मौजूद हैं, बल्कि इस पर भी निर्भर करते हैं कि कौन, कितनी बार और किसके संपर्क में आता है।
क्यों जानवरों की प्रतिरक्षा प्रणाली पड़ रही कमजोर?
शोधकर्ताओं का कहना है कि वैश्विक स्तर पर वन्यजीवों के लिए संक्रामक रोग बढ़ता खतरा बनते जा रहे हैं और समुद्री स्तनधारी भी इससे अछूते नहीं हैं। इन जानवरों की प्रतिरक्षा प्रणाली जलवायु परिवर्तन, प्रदूषण, आवास में हस्तक्षेप और मानवीय गतिविधियों का दबाव की वजह से कमजोर हो रही है। इससे वो संक्रमण के प्रति अधिक संवेदनशील हो जाते हैं। इसके बाद भी समुद्री स्तनधारियों में संक्रमण अक्सर अचानक सामने आते हैं और उनका पूर्वानुमान लगाना मुश्किल होता है।