आपने टीवी में कई बार प्रेगनेंट औरतों को 'माई वॉटर ब्रोक' कहते सुना होगा। ये वो गर्भवती औरत की वो स्थिति होती है जब उसके गर्भ के अंदर बनी थैली जिसमें उसका बच्चा बढ़ रहा होता है, खुल जाती है और इस अहसास के बाद उसे लेबर पेन शुरू हो जाता है।
डेली मेल के मुताबिक वॉटर ब्रोक होने के बाद गर्भ से बच्चा तो बाहर आता है पर थैली नहीं। लेकिन इस दंग कर देने वाले मामले में कैलिफोर्निया के सिडार सेनाई मेडिकल सेंटर में चेलसी नाम की महिला को जब बच्चा पैदा हुआ, तो उनका बच्चा थैली समेत ही बाहर आया।
सिजेरियन था मामला
चेलसी प्रीमैच्योर बच्चे को जन्म दे रही थी। उन्होंने डिलिवरी डेट के तीन महीने पहले ही बच्चे को जन्म दे दिया। ऐसे में जब उनका सिजेरियन हो रहा था, तब वो और डॉक्टर अवाक थे कि बच्चा थैली में अभी वैसे ही है।
उसकी नाभि मां की नाभी से जुड़ी हुई है और थैली के भीतर उसके हाथ और पैर आराम से देखे जा सकते थे। उसे बैग सहित ही मां के गर्भ से निकाला गया।
जब तक उसे बाहर निकाला गया और थैली को खोला गया तब तक मां की गर्भनाल से ही उसे ऑक्सीजन मिल रहा था।
ली गई तस्वीरें
बता दें कि ये वो झिल्ली होती है जिसके अंदर बच्चे का विकास होता है, उसका तापमान अंदर कंट्रोल में रहता है, उसका खाना-पीना सभी कुछ थैली के अंदर ही होता है।
इस बच्चे के जन्म के बाद ही थैली में होना अपने आप में मेडिकल साइंस के लिए करिश्मा जैसा ही था। 80 हजार बर्थ में कोई एक ऐसा मामला होता है, रिपोर्ट कहते हैं।
खैर, इस बच्चे को एमनियोटिक सेल से सुरक्षित निकाल लिया गया और अब वो बिल्कुल नॉर्मल है।