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भारत का सबसे पुराना किला, कोई नहीं जानता किसने बनवाया

Sat, 21 Mar 2020 08:25 PM IST
सोनू शर्मा फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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किला मुबारक, बठिंडा - फोटो : Social media
भारत में एक से बढ़कर एक एतिहासिक किले हैं, जो दुनियाभर में प्रसिद्ध हैं। दरअसल, पहले राजा-महाराजा किलों का निर्माण अपनी और अपने राज्य की सुरक्षा के लिए करते थे। देश में ऐसे कई किले हैं, जो सैकड़ों सालों से वैसे के वैसे ही खड़े हैं, जैसे पहले थे। क्या आप जानते हैं कि भारत का सबसे पुराना किला कौन सा है और कहां है? इसके बारे में बहुत कम ही लोग जानते होंगे। आज हम आपको इसी किले के बारे में बताने जा रहे हैं...
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किला मुबारक, बठिंडा - फोटो : Social media
इस किले का नाम है 'किला मुबारक', जो पंजाब के बठिंडा शहर में स्थित है। इसे भारत में राष्ट्रीय महत्व का स्थापत्य होने का दर्जा प्राप्त है। इस किले का रख-रखाव भारतीय पुरातत्त्व सर्वेक्षण विभाग के जिम्मे है। किला मुबारक को ईंट का सबसे पुराना और ऊंचा किला माना जाता है। 
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किला मुबारक, बठिंडा - फोटो : Social media
करीब साढ़े 14 एकड़ में फैले इस किले का इतिहास बहुत ही पुराना है। कहते हैं कि सन् 1239 में इसी किले में महिला शासिका रजिया सुल्तान या सुल्ताना को उनके ही सेवक अल्तुनिया ने बंदी बना लिया था। दरअसल, रजिया सुल्ताना मुस्लिम एवं तुर्की इतिहास की पहली महिला शासक थीं। इसी वजह से इस किले को रजिया सुल्तान किला के नाम से भी जाना जाता है। इसके अलावा इसके और भी कई नाम हैं, जैसे बठिंडा किला, गोविंदघर, बकरामघर आदि। 

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किला मुबारक के अंदर बना गुरुद्वारा - फोटो : Social media
इस किले के अंदर एक गुरुद्वारा भी बना है, जिसे पटियाला के महाराजा करम सिंह ने बनवाया था। सिखों के गुरु नानक देव, गुरु तेगबहादुर भी इस किले में आ चुके हैं। इनके अलावा सिखों के दसवें गुरु श्रीगुरुगोविंद सिंह जी भी वर्ष 1705 में यहां आए थे। कहते हैं कि एक बार मुगल शासक बाबर अपने साथ कुछ तोपें लेकर इस किले में आया था, जिनमें से चार तोपें यहां अभी भी मौजूद हैं।  
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किला मुबारक, बठिंडा - फोटो : Social media
इस किले में कुषाण काल की ईटें पाई गई हैं। कुषाण प्राचीन भारत के राजवंशों में से एक था। सम्राट कनिष्क भी कुषाण वंश के ही थे, जिनका राज भारत और मध्य एशिया के कई भागों पर था। माना जाता है कि इस किले का मूल निर्माण कनिष्क (78 ईसा पूर्व से 44 ई.) और राजा दाब ने ही किया था। हालांकि यह पक्के तौर पर नहीं कहा जा सकता है कि किले का निर्माण किसने करवाया था। 
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