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इतिहास की सबसे विनाशकारी बमबारी, एक ही रात में मारे गए थे एक लाख लोग

Mon, 30 Mar 2020 04:31 PM IST
सोनू शर्मा फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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मानव इतिहास की सबसे विनाशकारी बमबारी - फोटो : Social media
विज्ञान के चमत्कार इंसानों को जितना फायदा पहुंचाते हैं, उतना ही ये लोगों के लिए घातक भी हैं। एक समय था जब अमेरिका ने जापान के हिरोशिमा और नागासाकी पर परमाणु बम गिराया था, जिसमें लाखों लोगों की मौत हो गई थी। हालांकि ये तो बस एक-एक बम थे, लेकिन सबसे ज्यादा घातक। आज हम आपको मानव इतिहास की सबसे विनाशकारी बमबारी के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसमें पूरे शहर पर इतने बम गिराए गए थे कि एक ही रात में करीब एक लाख लोगों की मौत हो गई थी। 
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मानव इतिहास की सबसे विनाशकारी बमबारी - फोटो : Social media
इस विनाशकारी बमबारी को 'बॉम्बिंग ऑफ टोक्यो' या 'ग्रेट टोक्यो एयर रेड' के नाम से जाना जाता है, क्योंकि यह जापान की राजधानी टोक्यो में हुई थी। यह बमबारी हिरोशिमा और नागासाकी परमाणु हादसे से चार महीने पहले हुई थी, लेकिन इसमें समानता ये है कि इस भयानक और विनाशकारी घटना को भी अमेरिका ने ही अंजाम दिया था। 
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मानव इतिहास की सबसे विनाशकारी बमबारी - फोटो : Social media
द्वितीय विश्व युद्ध चल रहा था। अमेरिका ने एक ऑपरेशन लॉन्च किया, जिसका नाम था 'ऑपरेशन मीटिंगहाउस'। इस ऑपरेशन के तहत अमेरिका ने अपने 279 बोइंग बी -29 विमानों को टोक्यो पर बमबारी के लिए भेजा। नौ मार्च 1945 की रात यह ऑपरेशन शुरू हुआ और अमेरिकी विमानों ने पूरे टोक्यो शहर पर बम गिराना शुरू किया। 

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मानव इतिहास की सबसे विनाशकारी बमबारी - फोटो : Social media
10 मार्च 1945 को सुबह 'ऑपरेशन मीटिंगहाउस' खत्म हो गया यानी यह ऑपरेशन महज एक ही दिन चला, लेकिन इस एक दिन में अमेरिकी विमानों ने इतने बम बरसाए कि लगभग एक लाख लोग मारे गए जबकि 1.25 लाख से ज्यादा लोग घायल हो गए। इसके अलावा करीब 10 लाख लोग बेघर हो गए। हालांकि इस घटना में 14 अमेरिकी विमान भी दुर्घटनाग्रस्त हो गए थे, जिसमें करीब 96 वायुसैनिक मारे गए।  
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मानव इतिहास की सबसे विनाशकारी बमबारी - फोटो : Social media
एक रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी विमानों ने टोक्यो पर करीब 1665 टन बम गिराए थे। इस बमबारी में दो लाख 86 हजार से अधिक इमारतें और घर पूरी तरह तबाह हो गए थे। यही वजह है कि इसे दुनिया का सबसे विध्वंसक हवाई हमला माना जाता है। 
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