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Viral Post: दिल्ली मेट्रो की टिकट कन्नड़ भाषा में न होने पर गुस्साया शख्स, पोस्ट साझा कर निकाली भड़ास

Tue, 13 May 2025 02:54 PM IST
दीक्षा पाठक फीचर डेस्क, अमर उजाला

सार

Delhi Metro News: कर्नाटक के एक व्यक्ति ने दिल्ली मेट्रो की टिकट पर कन्नड़ भाषा न होने पर नाराजगी जताई। उन्होंने X पर अपना गुस्सा जाहिर करते हुए डीएमआरसी से तत्काल कन्नड़ भाषा में सेवाएं शुरू करने की मांग की। इस मुद्दे ने सोशल मीडिया पर जोर पकड़ लिया और हजारों यूजर्स ने इस पर अपनी प्रतिक्रियाएं दीं।
 
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दिल्ली मेट्रो की टिकट कन्नड़ भाषा में न होने पर गुस्साया शख्स - फोटो : X/@OfficialDMRC
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विस्तार
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मेट्रो न सिर्फ आपको अपने गंतव्य स्थान तक पहुंचाती है, बल्कि जब आप एक बार मेट्रो में बैठ गए तो आपके भरपूर मनोरंजन की गारंटी होती है। सोशल मीडिया पर आए दिन दिल्ली मेट्रो की कई रील्स और वीडियोज तेजी से वायरल हो रहते हैं। दिल्ली मेट्रो में होने वाले छोटे-बड़े झगड़े और घटनाएं अक्सर इंटरनेट पर वायरल होती रहती हैं, लेकिन इस बार का मामला थोड़ा अलग है। इस बार मुद्दा भाषा को लेकर उठा है, जो धीरे-धीरे एक बड़ी ऑनलाइन बहस का रूप ले चुका है। आइए जानते हैं कि वीडियो में और क्या दिखाया गया है।
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सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
कर्नाटक के एक व्यक्ति ने दिल्ली मेट्रो की टिकट पर कन्नड़ भाषा न होने पर नाराजगी जताई। उन्होंने X पर अपना गुस्सा जाहिर करते हुए डीएमआरसी से तत्काल कन्नड़ भाषा में सेवाएं शुरू करने की मांग की। इस मुद्दे ने सोशल मीडिया पर जोर पकड़ लिया और हजारों यूजर्स ने इस पर अपनी प्रतिक्रियाएं दीं।



यूजर्स ने दी ऐसी प्रतिक्रिया
एक यूजर ने लिखा, "मैं दिल्ली मेट्रो में यात्रा कर रहा था और देखा कि टिकट पर #कन्नड़ नहीं है। यह एक शर्मनाक व्यवहार है और राष्ट्र के प्रति अपमान है। डीएमआरसी को तुरंत कन्नड़ भाषा में सेवाएं देनी चाहिए।" उनकी यह पोस्ट इतनी तेजी से फैली कि इसे खबर लिखे जाने तक 1 लाख 20 हजार से अधिक बार देखा जा चुका था। वहीं, 2 हजार से ज्यादा लोगों ने इसे लाइक किया और 200 से अधिक कमेंट्स आए।
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दोनों भाषाओं में मिलते हैं टिकट
गौरतलब है कि दिल्ली मेट्रो के टिकट फिर चाहे मोबाइल ऐप से प्राप्त किए गए हों या टिकट वेंडिंग मशीन से अधिकतर अंग्रेजी में होते हैं। कई बार इन पर हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाएं भी होती हैं, लेकिन कन्नड़ या अन्य क्षेत्रीय भाषाएं शामिल नहीं होतीं। इस बात पर सवाल उठाते हुए यूजर ने इस गैरमौजूदगी को राष्ट्र के प्रति अपमान करार दिया। इस ट्वीट के बाद यूजर्स की प्रतिक्रियाओं की बाढ़ सी आ गई। एक यूजर ने कमेंट किया, "क्या आप चाहते हैं कि दिल्ली मेट्रो हर भारतीय भाषा में टिकट प्रिंट करे? क्या आप मजाक कर रहे हैं? पहले उन लोगों को देखिए जो बेंगलुरु मेट्रो के स्टेशनों से हिंदी में लिखे नामों को मिटा रहे थे और उस पर राज्य सरकार ने कोई कदम नहीं उठाया।"

यूजर्स ने एक-दूसरे को कराया शांत
एक और यूजर ने कहा, "शांत रहिए दोस्तों। यह हमें बांटने की एक कोशिश है। यदि आप बेंगलुरु मेट्रो में हिंदी की उम्मीद नहीं रखते तो दिल्ली मेट्रो में कन्नड़ की मांग करना कहां तक उचित है?" कुछ यूजर्स ने टिकट की फोटो भी पोस्ट की, जिनमें साफ दिख रहा था कि टिकट पर केवल अंग्रेजी भाषा में ही जानकारी मौजूद थी। वहीं, एक व्यक्ति ने सुझाव दिया कि टिकट को चारों ओर अच्छी तरह देखने की जरूरत है, शायद कुछ छूट गया हो।
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