भारत का यह शहर बन जाएगा इतिहास, जानिए आखिर क्या है वजह (प्रतीकात्मक तस्वीर)
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Viral News: किताबों और कहानियों में कई शहरों के बारे में पढ़ने और सुनने को मिलता है, जो अब नहीं है। बताया जाता है कि कई जगहें समुद्र में डूब गईं, तो वहीं कुछ जगहों से लोग चले गए। अब एक मध्य प्रदेश का एक शहर भी इतिहास बनने वाला है। दरअसल, इस शहर में कोल का भंडार मिला है, जिसके कारण वहां से लोगों का हटाया जाएगा।
राज्य सिंगरौली जिले के मोरवा में 20000 से ज्यादा मकान तोड़े जाएंगे। नार्दर्न कोल फील्ड्स लिमिटेड ने इसे लेकर एक मास्टर प्लान तैयार किया है। इस योजना के तहत कोयला के उत्पादन को बढ़ाने के लिए मोरवा को हटाया जाएगा।
मध्य प्रदेश का सबसे बड़ा विस्थापन
साल 2032 तक यह विस्थापन पूरा होने की संभावना है। इसमें एनसीएल का मुख्यालय और आवासीय कॉलोनी भी शामिल है। कंपनी की योजना यहां पर आने वाले दस सालों में कोयला उत्पादन शुरू करना है। कोल इंडिया के बोर्ड ने इस योजना को मंजूरी दे दी है। इसलिए, मोरवा को अब कोई राहत मिलने की उम्मीद नहीं है।
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एक लाख लोग होंगे विस्थापित
एनसीएल की इस योजना से सिंगरौली को बड़ा झटका लगा है। इसके तहत करीब एक लाख लोगों को विस्थापित किया जाएगा। रिपोर्ट्स के मुताबिक, मोरवा में करीब 20 हजार मकान हैं। माना जा रहा है कि यह एशिया का सबसे बड़ा नगरीय विस्थापन होगा। कोयला उत्पादन बढ़ाने के लिए यह विस्थापन होगा। विस्थापित होने वाले लोगों को कहां पर बसाया जाएगा, अभी इसकी इस योजना तैयार की जा रही है।
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जिले का है महत्वपूर्ण शहर
सिंगरौली जिले का मोरवा शहर कोयला के खनन के लिए प्रसिद्ध है। कोयला उत्पादन में यह इलाका अग्रणी है। देशभर में यहां के कोयले का इस्तेमाल किया जाता है। मोरवा में करीब 600 मिलियन टन कोयले का भंडार है।