चंद्र ग्रहण कब लगेगा? खून की तरह लाल हो जाएगा चांद, जानिए भारत में दिखेगा या नहीं
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चंद्र ग्रहण 2026: खगोलीय घटनाओं में दिलचस्पी रखने वालों के लिए 27-28 अगस्त की रात बेहद खास है। इस दिन साल 2026 का आखिरी चंद्र ग्रहण लगेगा। अपने रंग की वजह से यह चंद्र ग्रहण बेहद अनोखा होगा। ग्रहण के दौरान चांद खून की तरह लाल नजर आएगा, जिसे ब्लड मून भी कहा जाता है। वैज्ञानिकों के मुताबिक, सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा एक सीध में आ जाते हैं, तो सूर्य का प्रकाश पृथ्वी की वजह से चंद्रमा पर नहीं पड़ता है। इस खगोलीय घटना को चंद्र ग्रहण कहा जाता है।
27-28 अगस्त की रात को चंद्र ग्रहण लगेगा। इस दौरान पृथ्वी की छाया चंद्रमा की सतह के 96 प्रतिशत भाग को ढक लेगी। इससे चंद्रमा का रंग गहरा लाल हो जाएगा, क्योंकि उस पर पृथ्वी के वायुमंडल से छनकर और मुड़कर आने वाला प्रकाश पड़ेगा। इस दौरान आसमान में अनोखा नजारा दिखेगा।
कब है चंद्र ग्रहण?
यह चंद्र ग्रहण 27 और 28 अगस्त की रात को लगेगा और यह आंशिक चंद्र ग्रहण होगा। ग्रहण के दौरान चंद्रमा का बड़ा हिस्सा पृथ्वी की छाया से ढक जाएगा। इस ग्रहण को उत्तरी अमेरिका, दक्षिण अमेरिका, यूरोप, अफ्रीका और एशिया के कुछ इलाकों में देखा जा सकता है। भारतीय समयानुसार, यह ग्रहण 28 अगस्त की सुबह 6:53 बजे शुरू होगा और दोपहर 12:32 बजे समाप्त होगा। हालांकि, यह चंद्र ग्रहण भारत में नजर नहीं आएगा, क्योंकि उस समय यहां पर दिन होगा।
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क्यों लगता है चंद्र ग्रहण?
सूर्य का पृथ्वी चक्कर लगाती है। चंद्रमा एक उपग्रह है और धरती की परिक्रमा करता है। इस दौरान एक समय ऐसा आता है, जब सूर्य और चंद्रमा के बीच पृथ्वी आ जाती है। इसके कारण सूर्य का प्रकाश चंद्रमा तक नहीं पहुंच पाता है और पृथ्वी की परछाई चंद्रमा पर पड़ती है।
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इस खगोलीय घटना को चंद्र ग्रहण कहा जाता है। पूर्णिमा के दिन चंद्र ग्रहण लगता है। हिन्दू पंचांग के मुताबिक, हर महीने के शुक्ल पक्ष की आखिर तिथि को पूर्णिमा पड़ती है। पूर्णिमा के दिन पृथ्वी, सूर्य और चंद्रमा के बीच से गुजरेगी, तब यह आंशिक चंद्र ग्रहण लगेगा।