मंदिर के हाथी की मौत होने पर लिपटकर रोए गांव वाले
- फोटो : एक्स
भारत में हाथी को भगवान गणेश का रूप माना जाता है। केरलम में बिजली गिरने से एक हाथी की मौत हो गई। लोगों ने उसे रोते हुए आखिरी विदाई दी। केरल के त्रिशूर पूरम जैसे मंदिरों के उत्सवों में इस हाथी को देखा जाता था। भारत में कई जीवों में भगवान का रूप देखा जा सकता है। देश में पशुओं के प्रति लगाव के देखने के वीडियो और तस्वीरें देखने को मिलती हैं। सोशल मीडिया इस हाथी 'पल्लाट्टू ब्रह्मदत्तन' के लिए ओम शांति लिख रहे हैं।
कैसे हुई थी मौत?
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में बताया गया है कि केरल के लोगों ने हाथी पल्लाट्टू ब्रह्मदत्तन को आखिरी विदाई दी। मंदिर का यह 54 साल का हाथी बिजली गिरने से मर गया था। आमतौर एशियाई हाथियों की उम्र 60-70 साल होती है, लेकिन कई बार हादसे की वजह से उनकी मौत समय से पहले हो जाती है।
हाथी को आखिरी विदाई देने के लिए जुटे हजारों लोग
वीडियो शेयर करते हुए बताया गया है कि ब्रह्मदत्तन हाथी को आखिरी विदाई देने के लिए हजारों लोग जमा हुए। इस हाथी को त्रिशूर पूरम जैसे बड़े मंदिर उत्सवों में अक्सर देखा जाता है। इस हाथी को सभी लोग प्यार करते थे। ब्रह्मदत्तन पर हर कोई जान लुटाता था। उसकी मौत होने पर घंटों लोग उससे लिपट-लिपटकर रोते रहे। बाद में पारंपरिक रीति रिवाजों के साथ उसका अंतिम संस्कार किया गया।
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सोशल पर भी लोगों ने जताया दुख
लोगों का कहना है हाथी की मौत बेहद दुखद है। हाथी को बहुत प्यार मिला और उसकी अच्छी देखभाल की गई। कई लोगों का कहना है कि हाथी भी लोगों को उतना ही प्यार करता था। उसने एक शाही जिंदगी जी। ऊं शांति।