क्यों जापान में भालुओं को मारा जा रहा?
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जापान में सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, अप्रैल 2025 से लेकर जनवरी 2026 के बीच 14 हजार से ज्यादा भालुओं को मार दिया गया है। इसकी वजह जापान की खूबसूरत पहाड़ियों और घने जंगलों में इन दिनों इंसानों और भालुओं के बीच टकराव बढ़ना है। जंगलों में रहने वाले भालू अब खाने की तलाश में रिहायशी इलाकों तक पहुंच रहे हैं। हालात, इन बिगड़ गए कि जापान में भालुओं को पकड़कर मार दिया जाने लगा।
क्यों रिहायशी इलाकों में पहुंच रहे हैं भालू?
सबसे बड़ा सवाल है कि आखिर जापान में भालू रिहायशी बस्तियों तक क्यों जा हैं? जवाब है कि जंगलों में खाना कम होने पर बस्तियों में भालू पहुंचने लगे। बताया जा रहा है कि जापान के कई इलाकों में भालुओं और इंसानों के बीच टकराव की बड़ी वजह भोजन की कमी है।
गर्मी और बदलते मौसम से खाद्य पदार्थों की उपलब्धता प्रभावित
सर्दी के मौसम में भालू हाइबरनेशन यानी लंबी नींद में जाने से पहले जमकर खाना खाते हैं, जिसके लिए वे जंगलों में मिलने वाले बीच नट्स और एकॉर्न जैसे फलों और बीजों पर निर्भर रहते हैं। लेकिन रिकॉर्ड गर्मी और बदलते मौसम से जंगलों में इन खाद्य पदार्थों की उपलब्धता प्रभावित हुई है। इसका नतीजा हुआ कि भूखे भालू पहाड़ों और जंगलों से गांवों और रिहायशी इलाकों में पहुंचने लगे, क्योंकि वो फलों के पेड़, खेत और इंसानों का छोड़ा खाना आसानी से पा जाते हैं।
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इसके अलावा एक और सबसे बड़ी वजह जापान के गांवों में इंसानों की आबादी भी कम हुई है। खेतों और बगीचे छोड़ दिए गए हैं, जो धीरे-धीरे जंगलों में बदलते जा रहे हैं। इसके कारण भालुओं के रहने की जगह और इंसानी बस्तियों के बीच की दूरी भी कम हो गई। बीते साल भालू और इंसानों के बीच यह सबसे खौफनाक भिड़ंत थी। भालुओं ने 230 से ज्यादा लोगों पर हमले किए, जिनमें 13 लोगों की मौत हो गई।
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शिकारियों की भी घटी संख्या
जापान सरकार की तरफ कहा गया है कि प्रशिक्षित शिकारियों की कमी के कारण समस्या बढ़ी है। 1975 के बाद से लाइसेंस प्राप्त शिकारियों की संख्या आधे से भी कम हो चुकी है। इसके कारण सरकार ने आबादी वाले क्षेत्रों में भालुओं को गोली मारने के नियमों में भी ढील दी, जिसके भालुओं को पकड़ने और मारने की कार्रवाई काफी बढ़ गई।