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मंगल ग्रह के बारे में सात खास और रोचक बातें, जो शायद ही जानते होंगे आप

Thu, 08 Oct 2020 05:15 PM IST
सोनू शर्मा फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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मंगल ग्रह - फोटो : Pixabay
ग्रहों की दुनिया भी बड़ा अजीब होती है, जिसे समझना बड़ा ही मुश्किल होता है। हालांकि आज विज्ञान ने इतनी तरक्की कर ली है कि हमारे सौरमंडल में मौजूद सभी ग्रहों के बारे में कुछ न कुछ जानकारी हमारे पास जरूर है। आज हम मंगल ग्रह के बारे में बात करेंगे, जिसे लाल ग्रह के नाम से भी जाना जाता है, क्योंकि यह लाल दिखाई देता है। वैसे तो मंगल भी पृथ्वी की तरह एक स्थलीय धरातल वाला ग्रह है, जहां ज्वालामुखी से लेकर घाटियां, रेगिस्तान और ध्रुवीय बर्फीली चोटियां हैं, लेकिन इस ग्रह पर इंसानों का रहना नामुमकिन है। आइए जानते हैं इस ग्रह के बारे में कुछ खास और रोचक बातें, जिनके बारे में शायद ही आप जानते होंगे। 
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सौरमंडल के ग्रह - फोटो : Pixabay
पृथ्वी सूर्य की एक परिक्रमा 365 दिन और छह घंटे में पूरी करती है जबकि मंगल सूरज का पूरा चक्कर लगाने में 687 दिन लगाता है। यह धरती की तुलना लगभग दोगुना है। इसलिए मंगल ग्रह पर एक साल 687 दिनों का होता है। 
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मंगल ग्रह - फोटो : Pixabay
मंगल ग्रह पर कंपकंपा देने वाली ठंड और धूल भरी आंधी का गुबार पृथ्वी के मुकाबले कहीं ज्यादा है। गर्मियों में तो यहां का तापमान 30 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहता है, लेकिन जाड़े में यह शून्य से घटकर 140 डिग्री सेल्सियस तक चला जाता है। इतनी ठंड में तो इंसान जमकर पत्थर का बन जाएगा। 

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मंगल ग्रह - फोटो : Pixabay
मंगल ग्रह पर एक चीज ऐसी है जो धरती से बिल्कुल मिलती-जुलती है। धरती की तरह ही मंगल ग्रह पर भी साल में चार मौसम आते हैं- पतझड़, ग्रीष्म, शरद और शीत। हालांकि धरती की तुलना में मंगल पर हर मौसम लगभग दोगुना वक्त तक रहता है। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
पृथ्वी और मंगल ग्रह पर गुरुत्वाकर्षण शक्ति अलग-अलग हैं। इस कारण धरती पर अगर किसी व्यक्ति का वजन 100 पाउंड होगा तो मंगल ग्रह पर जाकर उसका वजन 38 पाउंड हो जाएगा। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
पृथ्वी के पास जहां एक ही चंद्रमा है, तो वहीं मंगल ग्रह के पास दो चांद हैं, जिनका नाम फोबोस और डेमियोस है। इसमें फोबोस का व्यास 13.8 मील है तो डेमियोस का व्यास 7.8 मील है। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : nasa
मंगल ग्रह पर एक और चीज है जो पृथ्वी से मिलती-जुलती है। दरअसल, धरती और मंगल ग्रह दोनों ही चार परतों से बने हैं। पहली पर्पटी यानी क्रस्ट, जो लौह वाले बेसाल्टिक पत्थरों से बना है और दूसरा मैंटल जो सिलिकेट पत्थरों से बना है। वहीं, तीसरा और चौथा परत है बाहरी कोर और आंतरिक कोर, जिनके बारे में ऐसा माना जाता है कि ये धरती के कोर की तरह ही लोहे और निकल से बने हो सकते हैं। 
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सौरमंडल के ग्रह (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : Pixabay
पृथ्वी और मंगल ग्रह करीब दो साल में एक दूसरे के सबसे ज्यादा करीब होते हैं। इस दौरान धरती से नंगी आंखों से भी मंगल को देखा जा सकता है। नासा के मुताबिक, 13 अक्तूबर 2020 को मंगल ग्रह धरती के सबसे नजदीक आएगा। अब माना जा रहा है कि दोनों एक दूसरे के करीब दिसंबर 2022 में आएंगे। 
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