जब भी ज्यादा खाना खाने की बात आती है और कहा जाता है कि किसी ऐसे व्यक्ति का नाम बताएं, जो खाने में अव्वल रहा है और कोई उसका रिकॉर्ड नहीं तोड़ पाया तो मन में केवल कुंभकरण का नाम ही आता है। हालांकि, क्या आपको पता है कि भारत में भी एक ऐसा शासक रहा है, जिसे लोग 'चटोरा राजा' भी कहते हैं। इस नाम को देने के पीछे का कारण यही है कि इस राजा को खाने का इतना शौक था कि वह रोजाना 37 किलो खाना खाते थे। तो आज की इस खबर में हम आपको इन्हीं राजा के बारे में विस्तार से बताने जा रहे हैं। आइए जानते हैं।
इस शासक को कहा जाता है "भारत का सबसे चटोरा राजा"
हम जिस राजा की बात कर रहे हैं, उनका नाम महमूद बेगड़ा है। इनका पूरा नाम सुल्तान महमूद शाह बेगड़ा था। वह गुजरात सल्तनत के एक प्रसिद्ध और शक्तिशाली शासक थे। उन्होंने अपने समय में एक शक्तिशाली साम्राज्य स्थापित किया। महमूद बेगड़ा का नाम आज भी इतिहास में उनकी अद्वितीय शासन शैली और खासतौर पर उनकी भोजन प्रियता के कारण जाना जाता है।
जानें क्या है इसके पीछे की कहानी
बता दें कि उनका उपनाम "बेगड़ा" इसी वजह से पड़ा क्योंकि उन्होंने अपने शासनकाल में दो बड़े किलों जूनागढ़ और चंपानेर को जीत लिया था। "बे" का मतलब होता है "दो" और "गड़ा" का अर्थ है "किला", इसलिए उन्हें "बेगड़ा" कहा गया, यानी "दो किलों का विजेता"। अब बात करते हैं कि उन्हें "भारत का सबसे चटोरा राजा" क्यों कहा जाता था। उनके बारे में कहा जाता है कि वह दिन की शुरुआत 150 केले खाकर करते थे। इसके अलावा, वह 36-37 किलो खाना रोज खाते थे, जिसमें चावल, मिठाई, मेवा और मसालेदार व्यंजन शामिल होते थे। उनका भोजन इतना अधिक था कि सामान्य इंसान उनकी खुराक का एक हिस्सा भी नहीं खा सकता था। इसके अलावा, महमूद बेगड़ा एक कटोरी मक्खन और दूध-शहद भी नियमित रूप से पीते थे।
सोते समय उनके सिरहाने पर रखा जाता था भोजन
कहा जाता है कि उनका शरीर भी अत्यधिक भारी और विशालकाय था। कहा जाता है कि उनकी दाढ़ी इतनी लंबी थी कि वह तीन मुट्ठियों में आ जाती थी। उनका शरीर भी सामान्य से अधिक चौड़ा और ऊंचा था, जिससे उनकी विशाल भूख और अधिक भोजन की आवश्यकता समझी जा सकती थी। कहा जाता है कि सोते समय उनके सिरहाने में पर हमेशा कुछ न कुछ खाने के लिए रखा जाता था। यही नहीं, जब उन्हें भूख लगती थी तो तुरंत भोजन भी परोसा जाता था।