वायरल वीडियो ने सोशल मीडिया पर बहस छेड़ दी है। इसमें एक महिला ट्रेन के भीतर पूजा-पाठ करती दिख रही है। वीडियो में दिख रहा है कि महिला नारियल फोड़ती है और दीया-धूप जलाती है। लोगों का सवाल है कि ट्रेन में सिगरेट पीने पर रोक है, तो अगर कोई दीया जलाता है, तो कितना जुर्माना लग सकता है। क्या रेलवे के नियम सभी यात्रियों पर लागू होते हैं?
सोशल मीडिया पर वायरल दिख रही घटना कब और कहां की है इसकी जानकारी नहीं है। लेकिन ट्रेन में यात्रियों की सुरक्षा का महत्व है। ट्रेन में दीया और धूप कितना सुरक्षित है? एक ट्रेन में सैकड़ों लोग यात्रा करते है। इसलिए आग जलाना और धुआं वाली चीजों से खतरा हो सकता है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में दिख रहा है कि महिला ने सीट पर ही देवी की फोटो रखी हुई है। उनके सामने लड्डू चढ़ाए हैं। धूप और दीया जलाकर आरती कर रही है और नारियल भी फोड़ती है। बगल की सीट पर बैठा कोई यात्री घटना को कैमरे में कैद कर रहा है।
दीया और जलती धूप से आसपास रखे सामान या कपड़ों में आग सकती है, जिससे बड़ा हादसा हो सकता है। इसलिए ट्रेन में इन सभी चीजों से बचना चाहिए, क्योंकि इससे सैकड़ों यात्रियों की जान खतरे में पड़ सकती है। अब यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। लोगों का कहना है कि धार्मिक आस्था अपनी जगह है, लेकिन उसके साथ सुरक्षा का ध्यान रखना भी जिम्मेदारी है।
472 करोड़ का फैंटेसी ब्रेसियर पहनकर चर्चा में आई ये एक्ट्रेस, ये हैं दुनिया के 5 सबसे महंगे ब्लाउज
ट्रेन में आग जलाने पर लगता है इतना जुर्माना
रेलवे अधिनियम, 1989 की धारा 164 के तहत नियमों का उल्लंघन कर ट्रेन में खतरनाक सामान लेकर जाना दंडनीय अपराध है। इस मामले में कोई दोषी पाया जाता है, तो तीन साल तक की जेल, 1,000 रुपये तक का जुर्माना या दोनों सजाएं दी जा सकती हैं। हालांकि, ट्रेन में दीया जलाने की घटना पर यह धारा लागू होगी या नहीं, यह परिस्थितियों और संबंधित नियमों के आधार पर निर्भर है। सिर्फ दीया जलाने की घटना के आधार पर इस धारा के तहत कार्रवाई या सजा होना निश्चित नहीं है।
पटाखे, पेट्रोल, केरोसिन और चूल्हे जैसी ज्वलनशील वस्तुओं को नियमों के खिलाफ ट्रेन में ले जाने पर पाबंदी है। ऐसे सामान से यात्रियों की सुरक्षा को खतरा हो सकता है। नियमों का उल्लंघन करने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
ट्रेन में धूम्रपान करने पर भी रेलवे के नियम सख्त हैं। जून 2026 में लागू संशोधित नियमों के मुताबिक, रेलवे अधिनियम की धारा 167 के तहत प्रतिबंधित परिस्थितियों में धूम्रपान करने पर 2,000 रुपये तक का जुर्माना लग सकता है। अगर जुर्माने का भुगतान नहीं किया जाता है, तो मामला अदालत तक पहुंच सकता है। अदालत में दोषी पाए जाने पर 5,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।