नोट से नजर उतारकर पैसे देने का गया रिवाज
- फोटो : एक्स@sankii_memer
भारत में डिजिटल पेमेंट अब एक आम बात बन चुकी है। पहले जहां दुकानों और बाजारों में लोग नकद भुगतान करते थे। अब वहीं लोग अपने स्मार्टफोन से क्यूआर कोड स्कैन करके चंद सेकंड में ही पेमेंट कर देते हैं। यह सुविधा न केवल समय बचाती है, बल्कि लोगों को कैश रखने की झंझट से भी मुक्ति दिलाती है। तकनीक के इस जमाने में भारत डिजिटल ट्रांजैक्शन के मामले में काफी आगे निकल चुका है, लेकिन हाल ही में वायरल हुआ एक वीडियो इस तकनीक के बिल्कुल अलग और मजेदार इस्तेमाल को दिखा रहा है। सोशल मीडिया पर इस वायरल हो रहे वीडियो में आपको देखने को मिलेगा कि अब शादियों में भी कैसे फटाफट डिजिटल ट्रांजैक्शन हो रहा है। तो आज की इस खबर में हम आपको इसी वायरल वीडियो के बारे में बताने जा रहे हैं। आइए विस्तार से जानते हैं।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो में एक शादी की बारात दिखाई दे रही है। इसमें एक शख्स बैंड बजा रहा है और उसके हाथ में एक मोबाइल फोन है, जिसमें एक क्यूआर कोड नजर आ रहा है। तभी एक बाराती आता है और अपने फोन से उस क्यूआर कोड को स्कैन करता है। इसके बाद वह अपना फोन दूल्हे के सिर के ऊपर घुमाता है। ठीक वैसे ही जैसे पहले लोग नकद नोट घुमाकर नेक दिया करते थे। इसके बाद वह अपने मोबाइल में अमाउंट भरता है, पासवर्ड डालता है और डिजिटल तरीके से भुगतान कर देता है।
लोगों ने दिए ऐसे रिएक्शंस
इस वीडियो को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर @sankii_memer नामक यूजर ने पोस्ट किया है। वीडियो के साथ कैप्शन में लिखा गया है, “दिन प्रतिदिन इंडिया आगे बढ़ता जा रहा है।” यह वीडियो पोस्ट होते ही तेजी से वायरल हो गया। खबर लिखे जाने तक इसे हजारों लोग देख चुके हैं और सैकड़ों लोग इस पर मजेदार प्रतिक्रियाएं दे चुके हैं। एक यूजर ने कमेंट करते हुए लिखा, “डिजिटल इंडिया।” वहीं एक दूसरे यूजर ने कहा, “मेरा देश बदल रहा है, आगे बढ़ रहा है।” सोशल मीडिया पर लोगों का कहना है कि इस वीडियो को देखकर साफ जाहिर होता है कि भारत में डिजिटल चीजें किस तेजी से लोगों की सोच का भी हिस्सा बन चुकी है। अब सिर्फ खरीदारी ही नहीं, बल्कि शादी-ब्याह रस्में भी डिजिटल हो रही हैं। यह वीडियो न केवल एंटरटेनिंग है, बल्कि यह भी दिखाता है कि भारत तकनीकी रूप से कितनी तेजी से प्रगति कर रहा है और आम लोग भी इसे अपनाने में कितने क्रिएटिव होते जा रहे हैं।