डॉ. राम मनोहर लोहिया
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गोवा को आजाद कराने में डॉक्टर राम मनोहर लोहिया का बहुत बड़ा योगदान था। 1946 में वह गोवा गए थे, जहां उन्होंने देखा कि पुर्तगाली तो अंग्रजों से भी बदतर थे। वो गोवा वासियों पर जुल्म पर जुल्म ढाए जा रहे थे। वहां नागरिकों को सभा संबोधन का भी अधिकार नहीं था। लोहिया से ये सब देखा नहीं गया और उन्होंने तुरंत 200 लोगों की एक सभा बुलाई। यह बात जब पुर्तगालियों को पता चली तो उन्होंने लोहिया को दो साल के लिए कैद कर लिया, लेकिन जनता के भारी आक्रोश के कारण बाद में उन्हें छोड़ना पड़ा। हालांकि पुर्तगालियों ने पांच साल के लिए लोहिया के गोवा आने पर प्रतिबंध लगा दिया, लेकिन इसके बावजूद भी गोवा की आजादी की लड़ाई लगातार जारी रही।