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Mystery of Venus: शुक्र के वायुमंडल में दिखे विशाल छल्ले और लगातार बज रही घंटी, क्या कोई नया खतरा है?

Wed, 29 Jul 2026 04:34 PM IST
धर्मेंद्र कुमार सिंह फीचर डेस्क, अमर उजाला

सार

Mystery of Venus: वैज्ञानिकों ने शुक्र ग्रह को लेकर हैरान करने वाली खोज की है। वैज्ञानिकों ने ग्रह के वायुमंडल में विशाल छल्ले देखे हैं, जो घंटी की तरह बज रहे हैं। 
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शुक्र के वायुमंडल में दिखे विशाल छल्ले और लगातार बज रही घंटी, वैज्ञानिकों के उड़े होश - फोटो : AI
Mystery of Venus: रहस्यों से अंतरिक्ष भरा हुआ है, जिनके बारे में अक्सर चौंकाने वाला खुलासा होता है। अब वैज्ञानिकों ने शुक्र ग्रह को लेकर हैरान करने वाला दावा किया है। वैज्ञानिकों ने वायुमंडल में कुछ ऐसा देखा है, जिसके बारे में उन्हें उम्मीद नहीं थी। उन्होंने टेलीस्कोप की मदद से शुक्र ग्रह के वायुमंडल में विशाल और गोल छल्लों की खोज की है। अंतरिक्ष में ऐसे लग रहा है, जैसे कोई घंटी बज रही है। इस अजीबोगरीब घटना को देखकर वैज्ञानिक हैरान रह गए। वैज्ञानिकों ने इसे साबित करने के लिए कई वर्षों तक शोध किया। वैज्ञानिकों ने इस घटना से जुड़ी डेटा को दुनिया के सामने लाया है। 

शुक्र के वायुमंडल में एक प्रायोगिक उपकरण ने शुक्र के वायुमंडल में ऐसी चीज रिकॉर्ड की, जिसे वैज्ञानिकों ने पहले कभी नहीं देखा था। वैज्ञानिकों ने बिना किसी योजना के इस खोज को की थी। शोधकर्ता मिचेल रोडेनहुइस उस समय रात में अंधेरा होने का इंतजार कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने शुक्र को बहुत तेजी से चमकते हुए देखा। उन्होंने अपने साथी डैफने स्टैम को यह जानकारी दी। इसके बाद उन्होंने अपने प्रायोगिक उपकरण को शुक्र ग्रह की तरफ घूमा दिया। उन्होंने 30 मिनट से ज्यादा समय तक इस ग्रह की जांच की और डेटा इकट्ठा किया। इस दौरान विशाल और गोल छल्ले पहली बार कैमरे में कैद हुए। एक्सट्रीम पोलरीमीटर से यह खोज की गई थी, जिसे केनरी आइलैंड्स के विलियम हर्शेल टेलीस्कोप पर लगाया गया था। 
 
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शुक्र के वायुमंडल में दिखे विशाल छल्ले और लगातार बज रही घंटी, वैज्ञानिकों के उड़े होश - फोटो : Freepik
खुली आंखों से नहीं दिखते हैं छल्ले

सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि इन छल्लों को खुली आंखों से नहीं देखा जा सकता है। सिर्फ पोलराइज्ड लाइट में ही इसे आप देख सकते हैं। एक्सट्रीम पोलरीमीटर सिर्फ लीनियर पोलराइज्ड लाइट को ही रिकॉर्ड करता था। यह सामान्य और अनपोलराइज्ड लाइट को पूरी तरह रोकने का काम करता है। रोशनी गैस और धूल से होकर गुजरती है तो लीनियर पोलराइज्ड का निर्माण होता है। इस उपकरण से वैज्ञानिकों ने उस चीजों को भी देखा, जो हमेशा छिप जाती हैं। 

 
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शुक्र के वायुमंडल में दिखे विशाल छल्ले और लगातार बज रही घंटी, वैज्ञानिकों के उड़े होश - फोटो : Freepik
यह घटना सामने आई, तो वैज्ञानिकों को लगा कि हो सकता है कोई तकनीकी खराबी है और यह उपकरण की कोई गलती हो सकती हो सकती है, क्योंकि यह छल्ले शुक्र ग्रह के सबसे चमकीले हिस्से के चारों तरफ साफ नजर आ रहे थे, लेकिन कई जांच के बाद भी यह सिग्नल लगातार बना रहा। वैज्ञानिकों को पता चला कि यह उपकरण की कोई गलती नहीं है। 
 

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शुक्र के वायुमंडल में दिखे विशाल छल्ले और लगातार बज रही घंटी, वैज्ञानिकों के उड़े होश - फोटो : Freepik
वर्षों शोध के बाद हुआ चौंकाने वाला खुलासा

वर्षों शोध के बाद वैज्ञानिकों को चौंकाने वाली जानकारी मिली। यह शोध द प्लैनेटरी साइंस जर्नल में प्रकाशित हुआ है। नीदरलैंड की डेल्फ्ट यूनिवर्सिटी के एटमॉस्फेरिक फिजिसिस्ट गौरव महापात्रा इसके मुख्य लेखक हैं। उन्होंने शोध को लेकर कई हैरान करने वाले खुलासे किए हैं। गौरव महापात्रा का कहना है कि इस तरह की घटनाओं की पुष्टि नहीं होना निराश करने वाला है। उन्होंने कहा कि सही वैज्ञानिक तरीक यह नहीं था कि हम सिर्फ इंतजार करते रहें। उन्होंने कहा कि हमें शोध में जो सच्चाई पता चली, हमने उसे प्रकाशित कर दिया। 

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शुक्र के वायुमंडल में दिखे विशाल छल्ले और लगातार बज रही घंटी, वैज्ञानिकों के उड़े होश - फोटो : Freepik
क्या है छल्लों का रहस्य?

गौरव महापात्रा ने अपने शोध में पता लगाने की कोशिश कि की क्या ऊपरी वायुमंडल के घनत्व में होने वाले बदलाव से ऐसा सिग्नल बन सकता है। वायुमंडलीय गुरुत्वाकर्षण तरंगों के कारण यह बदलाव होता है। उनका यह विचार पूरी तरह सच साबित हुआ। शोध में खुलासा हुआ है कि 5 से 10 प्रतिशत के घनत्व बदलाव से ऐसे पोलराइजेशन छल्लों का निर्माण हो सकता है। हालांकि, अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि सच में यह छल्ले मौजूद हैं। अगर यह सच हुआ तो शुक्र ग्रह के कई नए रास्ते खुलेंगे। महापात्रा मानते हैं कि इस खोज से शुक्र ग्रह के बहुत बड़े हिस्से में घनत्व के स्ट्रक्चर को समझा जा सकता है। यह बहुत बड़ी वैज्ञानिक सफलता हो सकती है। 
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