भारत के पास कई फाइटर जेट हैं, लेकिन भारत ने ज्यादातर मौकों पर मिग-21 बाइसन का इस्तेमाल किया है। यह भारत का एक सबसे पुराना फाइटर जेट है। इस फाइटर जेट का इस्तेमाल दुश्मन को सीमा पर रोकने के लिए होता है। जैसे ही पाकिस्तान की तरफ से एफ-16 फाइटर्स आए वैसे ही भारत ने अपने मिग-21 रवाना कर दिए, जिसके बाद उन्होंने कुछ ही मिनटों में सीमा पर पहुंचकर पाकिस्तानी फाइटर विमानों को खदेड़ दिया था। पाकिस्तानी जेट को मार गिराने वाले मिग-21 बाइसन को लगातार अपग्रेड किया जाता रहा है।
मिग 21 बनाम एफ-16 लड़ाकू विमान
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भारतीय वायुसेना का मिग-21 बाइसन विमान
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साल 2006 में 110 मिग-21 जेट विमानों को अपग्रेड किया गया था। इस अपग्रेडेशन में इसे और शक्तिशाली बनाते हुए मल्टी-मोड राडार और बेहतर संचार प्रणाली के साथ बेहतर विमान बनाया गया था। इसकी मारक क्षमता 1470 किलोमीटर है।
इस अपग्रेडेशन के साथ इसकी मारक क्षमता भी पहले से ज्यादा अपग्रेड की गई। इसके साथ ही विमान में आर-73 आर्चर शॉर्ट रेंज और आर-77 मीडियम रेंज एंटी-एयरक्राफ्ट मिसाइलों से लैस होने के बाद इसकी हवा से हवा में मारक क्षमता में भी प्रभावशाली तरीके से काफी सुधार किया गया।
मिग -21 बाइसन पायलटों को हेलमेट-माउंटेड साइट भी अपग्रेड की गई जो कि अब मिराज 2000 जैसे अन्य अपग्रेटेड जेट के पायलटों द्वारा पहना जाता है।
मिग-21 सोवियत रूस का बनाया हुआ लड़ाकू विमान है।
मिग -21 विमान साल 1972 में पहली बार सेवा में आया। तब से मिग में बहुत सारे बदलाव हुए हैं।
यह फाइटर प्लेन बड़ी तादात में एकसाथ गोला बारूद साथ ले जाने में सक्षम है।
मिग -21 बाइसन के बाईं ओर कॉकपिट से गोलियां बरसाने की व्यवस्था की गई है। एक बार में यह फाइटर प्लेन लगभग 420 राउंड एक साथ ले जा सकता है।
मिग- 21 बाइसन फाइटर प्लेन हवा से हवा में मिसाइलों को मार गिराने के अलावा जमीन पर भी हमला करने में सक्षम है।
मिग - 21 बाइसन में केमिकल और क्लस्टर बम ले जाने की व्यवस्था भी की गई है। इसके अलावा यह विमान लगभग 1000 किलो तक के वजन वाले कई तरह के बम भी अपने साथ ले जा सकता है।
F-16 fighter aircraft in India
एफ-16 रॉकेट, हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइल, हवा से सतह पर मार करने वाली मिसाइल और हवा से जहाज तक मार करने वाली मिसाइल के साथ-साथ कई तरह के बम से लैस है। इसमें रडार ऑन-बोर्ड भी होता है।
यह अमेरिका द्वारा निर्मित चौथी जनेरेशन का सबसे आधुनिक लड़ाकू विमान है।
यह एक एक इंजन वाला सुपरसोनिक मल्टीरोल लड़ाकू विमान है।
उम्दा जीपीएस नैविगेशन भी इसकी खासियत है।
इस विमान में एडवांस स्नाइपर टारगेटिंग पॉड भी है। किसी भी मौसम में काम करने में सक्षम।
इसमें फ्रेमलेस बबल कॉनोपी है, जिससे देखने मे सुविधा होती है. सीटें 30 डिग्री पर मुड़ी है, जिससे पॉयलट को जी-फोर्स की अनुभूति कम होती है।
पुलवामा हमले के बाद भारत ने ठोस कदम उठाते हुए अपने मिराज-2000 फाइटर विमानों को पाकिस्तानी सीमा पार आतंकी ठिकानों को तबाह करने भेजा था। इस मिशन में भारतीय वायुसेना के कुल 12 मिराज फाइटर्स ने हिस्सा लिया था। बताया गया कि इन विमानों की फॉरमेशन इतनी खतरनाक थी कि हमला करने आए पाकिस्तान के एफ-16 विमानों को वापस लौटना पड़ा।