जून की शुरुआत के साथ ही जहां तापमान चरम पर पहुंचने लगता है। वहीं स्कूलों में भी गर्मियों की छुट्टियां शुरू हो जाती हैं। लेकिन बच्चों की ये वेकेशन सिर्फ खेल-कूद या मस्ती के लिए नहीं होती क्योंकि हर साल की तरह इस बार भी स्कूलों से भरपूर होमवर्क मिलता है। ये प्रोजेक्ट्स नाम तो बच्चों के होते हैं, लेकिन असली मेहनत माता-पिता को करनी पड़ती है। पूरा समर वेकेशन इसी जद्दोजहद में निकल जाता है कि बच्चे का असाइनमेंट समय पर और अच्छे से पूरा हो जाए। तो आज की इस खबर में हम आपको ऐसे ही एक वीडियो के बारे में विस्तार से बताने जा रहे हैं। आइए जानते हैं।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
छुट्टियों में परिवार घूमने जाने की सोच भी ले तो बच्चों के होमवर्क की वजह से वो प्लानिंग अधूरी ही रह जाती है। वजह ये है कि स्कूल वाले इतने क्रिएटिव और गंभीर टास्क दे देते हैं कि माता-पिता खुद को किसी आर्ट एंड क्राफ्ट क्लास में महसूस करने लगते हैं। कभी चार्ट पेपर, कभी थर्माकोल और कभी कोई मॉडल। बच्चों को दिए गए प्रोजेक्ट्स दरअसल मम्मी-पापा की परीक्षा बन जाते हैं।
परेशान पापा का वीडियो वायरल
इसी परेशानी से जूझ रहे एक पापा का वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर वायरल है। वीडियो में वह अपने बेटे के हॉलीडे होमवर्क से इस कदर परेशान हैं कि टीचर से हाथ जोड़कर विनती करते नजर आते हैं। वे कहते हैं, “अगर मेरे बेटे की मैडम ये वीडियो देख रही हैं तो मैडम जी, माफ करिएगा। आपने जो प्रोजेक्ट दिया है, वो हमसे नहीं बन पा रहा है। अब तक 36 पोस्टर फाड़ चुके हैं। कृपया मार्क्स मत काटिए, रोज इसी का तनाव रहता है कि नंबर कम न हो जाएं।”
पिता ने किया टीचर से यह रिक्वेस्ट
आमतौर पर छोटे बच्चों को थर्माकोल से बने मॉडल, चार्ट पर जानकारी भरने जैसे काम दिए जाते हैं, जो उनके लिए करना संभव नहीं होता। इसलिए माता-पिता को वो सब खुद करना पड़ता है। इस वीडियो में पापा आगे कहते हैं, “कभी ग्लोब बनाने को कहते हैं, कभी सूरजमुखी। आप चाहे हमें सजा दे दीजिए, लेकिन हमारे बच्चे के नंबर रहम करके मत काटिए।” इस दौरान उनका बेटा भी उनके पास खड़ा मुस्कुराता नजर आता है। वीडियो के अंत में दोनों हाथ जोड़कर टीचर से रहम की गुहार लगाते हैं।
यूजर्स ने दिए ऐसे रिएक्शंस
यह मजेदार वीडियो इंस्टाग्राम पर @rishi_pandit_kanpur नाम के अकाउंट से शेयर किया गया है और इसे अब तक 4 मिलियन से ज्यादा बार देखा जा चुका है। वीडियो देखने वालों ने कमेंट सेक्शन में खूब दिलचस्प प्रतिक्रियाएं दी हैं। एक यूजर ने लिखा, “बिलकुल सही कहा, बच्चों के प्रोजेक्ट्स में छुट्टियां कहां बीत जाती हैं पता ही नहीं चलता।” दूसरे ने चुटकी लेते हुए कहा, “अब तो लगता है स्कूल पेरेंट्स को असाइनमेंट दे रहे हैं।” वहीं किसी ने लिखा, “हमारे घर में भी ग्लेशियर, नदियां और पहाड़ बन नहीं पा रहे।”