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बेटे को थी मोबाइल की लत, छुड़ाने के लिए पिता ने अपनाया अनोखा तरीका

Tue, 07 Jan 2020 10:55 AM IST
सोनू शर्मा फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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जेमी क्लार्क अपने बेटे खोबे के साथ - फोटो : Instagram
आज के समय में मोबाइल की इतनी अहमियत हो गई है कि इसके बिना कोई काम ही नहीं होता। हालांकि कुछ लोगों को इसकी लत सी लग जाती है। वो जहां भी रहते हैं, मोबाइल में ही डूबे रहते हैं। कनाडा के कैलगरी में रहने वाले 18 वर्षीय खोबे को भी यही लत थी। वह अपना अधिकतर समय सोशल मीडिया के इस्तेमाल में या ऑनलाइन गेम खेलकर बिताता था। उसकी इसी लत को छुड़ाने के लिए उसके पिता जेमी क्लार्क ने एक अनोखा तरीका अपनाया। 
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खोबे - फोटो : Instagram
जेमी क्लार्क अपने बेटे को कनाडा से करीब 8000 किलोमीटर दूर मंगोलिया ले गए, जहां दोनों ने एक महीने का समय बिताया। इस दौरान उन्होंने करीब 2200 किलोमीटर की यात्रा की और जेमी अपने बेटे को अलग-अलग और ऐसी-ऐसी जगहों पर ले गए, जहां इंटरनेट की सुविधा ही नहीं थी। यहां तक कि वहां बसें भी नहीं चलती थीं। इसलिए उन्होंने घूमने के लिए बाइक और घोड़ों का इस्तेमाल किया। उन्होंने पर्वतीय इलाकों में टेंट में कई रातें गुजारीं। इसका असर ये हुआ कि खोबे की मोबाइल की लत छूट गई। 
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जेमी क्लार्क अपने बेटे खोबे के साथ - फोटो : Instagram
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, खोबे का कहना है कि पिता के साथ अलग-अलग जगहों पर बिताए उसके एक महीने ने उसकी जिंदगी बदल दी। उसने बताया कि पहले जब वह कुछ देर फोन नहीं चलाता था, मसलन फेसबुक, इंस्टाग्राम और स्नैपचैट का इस्तेमाल नहीं करता था तो उसे बहुत गुस्सा आता था। साथ ही साथ वह चिड़चिड़ा भी हो गया था, लेकिन अब उसकी मोबाइल की लत पूरी तरह से छूट गई है और वह अपने परिवार के साथ समय बिता रहा है। 
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जेमी क्लार्क अपने बेटे खोबे के साथ - फोटो : Instagram
दरअसल, खोबे के पिता जेमी क्लार्क एक पर्वतारोही हैं। वह दो बार दुनिया का सबसे ऊंचे पर्वत शिखर एवरेस्ट को फतह कर चुके हैं। जेमी का कहना है कि मोबाइल युवाओं को परिवार से दूर कर रहा है। उन्होंने इसी दूरी को कम करने के लिए अपने बेटे को जीवन का एक नया सबक दिया। 
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