टेक प्रोफेशनल कोबी गुडहार्ट ने एक इंटरव्यू में बताया कि वह अपनी फुल-टाइम इंजीनियरिंग नौकरी के साथ-साथ प्रीमियम डॉग-वॉकिंग और पेट-केयर सेवा भी चलाते हैं, जो लोअर मैनहैटन में संचालित होती है। जहां कई लोग एक नौकरी के साथ भी वर्क-लाइफ बैलेंस बनाने में संघर्ष करते हैं, वहीं गुडहार्ट ने अपने बिजनेस को अपनी टेक नौकरी के शेड्यूल के अनुसार तैयार किया है।
उन्होंने कहा कि मैंने अपने बिजनेस को पूरी तरह अपने नौकरी के शेड्यूल के हिसाब से बनाया है। गुडहार्ट ने बताया कि वह 2023 में न्यूयॉर्क सिटी आए थे। उस समय उन्हें अहसास हुआ कि वह जानवरों के साथ ज्यादा समय बिताना चाहते हैं। शुरुआत में उन्होंने अपने पड़ोस में सामान्य रूप से कुत्तों को घुमाना शुरू किया और बाद में 2025 में आधिकारिक तौर पर अपने बिजनेस की शुरुआत की।
9 से 5 की नौकरी और साथ-साथ साइड बिजनेस
गुड हार्ट ने बताया कि वह सुबह जल्दी जगते हैं और कुत्तों को घुमाने के लिए ले जाते हैं। फिर अपनी इंजीनियरिंग की नौकरी पर जाते हैं। लंच ब्रेक के दौरान भी समय निकालकर कुत्तों की देखभाल करते हैं और शाम को ऑफिस के बाद भी अपने ग्राहकों के पास जाते हैं। सप्ताहांत में भी वह इस काम को करते हैं। काम का दबाव संभालने के लिए उन्होंने एक और डॉग वॉकर को नियुक्त और प्रशिक्षित भी किया है, जो उनके ऑफिस समय में दोपहर की वॉक को संभालता है।
काफी मेहनत वाला काम है
गुडहार्ट ने कहा कि यह काफी मेहनत वाला काम है, लेकिन मुझे वास्तव में यह पसंद है। मुझे अपने लक्ष्य को इतना बड़ा बनाना है कि यह मेरी फुल-टाइम नौकरी बन जाए। 28 वर्षीय गुडहार्ट ने बताया कि उनकी कंपनी वर्तमान में लोअर मैनहैटन में ग्राहकों को सेवाएं देती है और उनकी टीम रोजाना 10 से 20 कुत्तों को घुमाती है। उन्होंने कहा कि उनका बिजनेस लोगों की तारीफ की वजह से बढ़ रहा है।
उन्होंने बताया कि अगर आप किसी क्षेत्र में अच्छा काम करते हैं, तो लोग खुद दूसरों को आपके बारे में बताते हैं। उन्होंने कहा कि वह अपना बिजनेस कार्ड भी बांटते हैं और सोशल मीडिया पर भी काफी एक्टिव रहते हैं। उन्होंने अपनी सेवा को सामान्य डॉग-वॉकिंग सर्विस की जगह लक्जरी सेवा के रूप में पेश किया है।
उनका कहना है कि न्यूयॉर्क जैसे व्यस्त और तनाव भरे शहर में लोगों की चाहत होती है कि उनके पालतू जानवरों की देखभाल अच्छे तरीके से हो। इसलिए वो अपने ग्राहक को विशेष अनुभव देने की कोशिश करते हैं और उसके हिसाब अपनी फीस लेते हैं। गुडहार्ट ने बताया बारिश, तेज गर्मी या कड़ाके की ठंड में भी कुत्तों को टहलाना पड़ता है।