फिल्मों में अक्सर ऐसा दिखाया जाता है कि सांप अपने दुश्मनों को सिर्फ एक बार देखकर ही पहचान लेते हैं और सालों बाद भी उनसे बदला लेने का मौका नहीं चूकते। खासकर बॉलीवुड में यह कहानी आम है कि नाग इंसान के चेहरे को अपनी आंखों में कैद कर लेते हैं। लेकिन सवाल उठता है कि क्या यह सच में संभव है? क्या सांप सच में इंसानी चेहरा पहचान सकते हैं? तो आज की इस खबर में हम आपको इसी के बारे में पूरी जानकारी देने वाले हैं। आइए विस्तार से जानते हैं।
इसका जवाब जानने से पहले यह समझना जरूरी है कि इंसानों में चेहरा पहचानने की क्षमता उनके दिमाग की एक खास संरचना, नियोकॉर्टेक्स की वजह से होती है। यह मस्तिष्क का वह हिस्सा है जो स्मृति और चेहरा पहचानने जैसी क्षमताओं में मदद करता है। लेकिन सांपों के पास यह हिस्सा नहीं होता, इसलिए वे चेहरे पहचानने में सक्षम नहीं होते। यानी यह धारणा कि सांप किसी का चेहरा देखकर उसे याद रख लेते हैं, पूरी तरह गलत है। इसलिए बॉलीवुड में ये चीजें सिर्फ काल्पनिक तौर पर दिखाई जाती हैं।
क्या सांप चेहरा पहचान सकते हैं?
इसके अलावा आपको बता दें कि सांपों की देखने की क्षमता भी बहुत सीमित होती है। कुछ प्रजातियां केवल हिलती हुई चीजें देख सकती हैं, जबकि बाकी सांप इतनी आसानी से चीजें नहीं देख पाते कि किसी इंसान का चेहरा साफ पहचान सकें। इसका मतलब ये हुआ कि वे यह नहीं समझ सकते कि सामने वाला व्यक्ति कैसा दिखता है, क्या पहना है, या उसके बाल कैसे हैं।
जानें क्या है इसके पीछे की सच्चाई
हालांकि, सांपों के पास एक बेहद खास इंद्रिय होती है, उनकी गंध पहचानने की शक्ति। वे अपनी दोमुंही जीभ से हवा में मौजूद गंध को पकड़ते हैं और उसे जैकब्सन अंग के जरिए पहचानते हैं, जो उनके मुंह के ऊपर होता है। इसी अंग की मदद से वे यह जान पाते हैं कि उनके आसपास कौन है और क्या कर रहा है। तो भले ही सांप चेहरा न पहचान सकें, लेकिन वे किसी इंसान की गंध, चलने के ढंग और आवाज से उसे पहचान सकते हैं। अगर कोई व्यक्ति उन्हें नियमित रूप से खाना देता है और डर पैदा नहीं करता तो सांप धीरे-धीरे यह समझने लगते हैं कि वह व्यक्ति उनके लिए खतरा नहीं है।
काल्पनिकता पर आधारित होती हैं फिल्में
यह भी ध्यान देने वाली बात है कि सांप जो कुछ भी सीखते हैं, उसे जीवन भर याद नहीं रखते। उनकी याददाश्त सीमित होती है और आमतौर पर किसी अनुभव को केवल कुछ हफ्तों या महीनों तक ही याद रख सकते हैं। इसलिए इस बात को याद रखें कि फिल्मों में दिखाए जाने वाले दृश्य कि नाग वर्षों बाद भी किसी इंसान को पहचानकर बदला लेता है पूरी तरह काल्पनिक हैं। असलियत में सांप न चेहरा पहचान सकते हैं, न ही किसी की आंखों में तस्वीर कैद कर सकते हैं।