भारत का पड़ोसी पाकिस्तान और चीन के साथ कई सीमा विवाद हैं। कई इन विवादों के वजह से इन देशों के जंग जैसे हालात बन चुके हैं। इस खबर में हमने बताया है कि एलओसी और एलएसी के बीच क्या अतंर है।
क्या है एलओसी?
एलओसी या लाइन ऑफ कंट्रोल लाइव लाइन होता है। इसमें फायरिंग और फेस टू फेस इंटरेक्शन भी होता है। यह सीमा स्पष्ट रूप से मिलिट्री द्वारा सीमांकित है। यह सीमा भारतीय संघ राज्य क्षेत्र यानी जम्मू और कश्मीर के कुछ इलाकों को भारत और पाकिस्तान के बीच बांटती है।
1947-48 में भारत और पाकिस्तान के बीच जम्मू और कश्मीर के मुद्दे पर पहली लड़ाई हुई थी जिसके बाद संयुक्त राष्ट्र की निगरानी में युद्धविराम समझौता हुआ। इसके तहत एक युद्धविराम सीमा रेखा तय की गई। इसके मुताबिक, जम्मू और कश्मीर का लगभग एक तिहाई हिस्सा पाकिस्तान के पास रहा जिसे पाकिस्तान आजाद कश्मीर कहता है।
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लगभग दो तिहाई हिस्सा भारत के पास है जिसमें जम्मू, कश्मीर घाटी और लद्दाख शामिल हैं। 1972 के युद्ध के बाद शिमला समझौता हुआ जिसके तहत युद्धविराम रेखा को नियंत्रण रेखा का नाम दिया गया। भारत और पाकिस्तान के बीच ये नियंत्रण रेखा 740 किलोमीटर लंबी है।
क्या है एलएसी?
एलएसी का मतलब लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल है। यह भारत और चीन के बीच एक वास्तविक रेखा है। यह रेखा 3,488 किलोमीटर लंबी है। यह सीमा जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश से होकर गुजरती है।
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इस तीन सेक्टरों में बांटा गया है- पश्चिमी सेक्टर यानी जम्मू-कश्मीर, मिडिल सेक्टर यानी हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड और पूर्वी सेक्टर यानी सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश। हालांकि, दोनों देशों के बीच अभी तक पूरी तरह से सीमांकन नहीं हुआ है, क्योंकि कई इलाकों को लेकर दोनों के बीच सीमा विवाद है। भारत पश्चिमी सेक्टर में अक्साई चीन पर अपना दावा करता है, जो फिलहाल चीन के नियंत्रण में है। भारत के साथ 1962 के युद्ध के दौरान चीन ने इस पूरे इलाके पर कब्जा कर लिया था।
वहीं पूर्वी सेक्टर में चीन अरुणाचल प्रदेश पर अपना दावा करता है। चीन कहता है कि यह दक्षिणी तिब्बत का हिस्सा है। चीन तिब्बत और अरुणाचल प्रदेश के बीच की मैकमोहन रेखा को भी नहीं मानता है। वह अक्साई चीन पर भारत के दावे को भी खारिज करता है।
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इन विवादों की वजह से दोनों देशों के बीच कभी सीमा निर्धारण नहीं हो सका। हालांकि, यथास्थिति बनाए रखने के लिए लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल यानी एलएसी टर्म का इस्तेमाल किया जाने लगा। हालांकि, अभी ये भी स्पष्ट नहीं है। दोनों देश अपनी अलग-अलग लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल बताते हैं।
इस लाइन ऑफ एक्चुएल कंट्रोल पर कई ग्लेशियर, बर्फ के रेगिस्तान, पहाड़ और नदियां पड़ते हैं। एलएसी के साथ लगने वाले कई ऐसे इलाके हैं जहां अक्सर भारत और चीन के सैनिकों के बीच तनाव की खबरें आती रहती हैं।