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क्यों चक्रवात का नाम पड़ा मुरासु? जानिए इस तूफान की खासियत, अब अगला कौन

Mon, 02 Nov 2026 02:44 PM IST
धर्मेंद्र कुमार सिंह फीचर डेस्क, अमर उजाला

सार

चक्रवाती तूफान मुरासु: बंगाल की खाड़ी में बना चक्रवात मुरासु गंभीर चक्रवाती तूफान बन गया है। यह उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ रहा है। 2 नवंबर की आधी रात से 3 नवंबर सुबह के बीच आंध्र प्रदेश के नेल्लोर-नरसापुर तट पर टकरा सकता है। आइए इसका नाम मुरासु क्यों पड़ा और इसकी खासियत?
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क्यों चक्रवात का नाम पड़ा मुरासु? जानिए इस तूफान की अनोखी खासियत - फोटो : AI
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विस्तार
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बंगाल की खाड़ी में बना गंभीर चक्रवाती तूफान मुरासु आंध्र प्रदेश की तट से 2 नवंबर की आधी रात से 3 नवंबर सुबह के बीच टकरा सकता है। इस तूफान से आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, ओडिशा और तमिलनाडु में भारी बारिश हो सकती है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने आंध्र प्रदेश और उत्तरी तमिलनाडु के तटीय इलाकों के लिए चक्रवात की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग ने आंध्र प्रदेश के पांच जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है, क्योंकि यहां अत्यंत भारी बारिश हो सकती है। 

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कैसे रखे जाते हैं चक्रवाती तूफान के नाम? 

अंतरराष्ट्रीय नियमों के तहत चक्रवातों के नाम रखने की प्रक्रिया होती है। आसान नाम को चुना जाता है, जो लोगों से जुड़े हों, लेकिन व्यक्ति विशेष के नाम न हों। चक्रवाती तूफान का नाम मुरासु तमिल भाषा से लिया गया है। 

तमिल भाषा में मुरासु (Murasu) शब्द का क्या मतलब होता है?

तमिल भाषा में मुरासु एक बड़ा ढोल या नगाड़ा होता है। यह युद्ध के दौरान, उत्सवों में या खतरे की चेतावनी देने के लिए बजाया जाता था।

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क्यों चक्रवात मुरासु (Cyclone Murasu) का नाम मुरासु रखा गया? 

भारतीय मौसम विभाग ने यह नाम इसलिए चुना ताकि लोग आसानी से याद रख सकें और सतर्क रहें। आंध्र प्रदेश को प्रभावित करने वाले इस चक्रवात को तमिल नाम मिलना क्षेत्रीय सहयोग और साझा मौसम चेतावनी प्रणाली का उदाहरण है। अक्सर दक्षिण भारत के राज्यों में चक्रवात  बंगाल की खाड़ी से आते हैं और नामकरण में क्षेत्रीय भाषाओं का इस्तेमाल किया जाना आम बात है। 

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चक्रवात मुरासु का नाम किसने रखा और कैसे हुआ इसका नामकरण?

अंतरराष्ट्रीय नियमों के तहत चक्रवातों के नाम रखने की प्रक्रिया होती है। आसान नाम को चुना जाता है, जो लोगों से जुड़े हों, लेकिन व्यक्ति विशेष के नाम न हों। उत्तर हिंद महासागर क्षेत्र में बनने वाले चक्रवातों के नाम विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO) और एशिया और प्रशांत क्षेत्र के लिए संयुक्त राष्ट्र आर्थिक और सामाजिक आयोग (ESCAP) की समिति द्वारा  तैयार सूची के आधार पर रखे जाते हैं। इस सूची में 13 देशों द्वारा सुझाए गए नाम शामिल हैं। मुरासु नाम भारत की ओर से सुझाया गया है।

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भारत के अगले चक्रवात का नाम क्या होगा और मुरासु के बाद सूची में कौन सा नाम है?

चक्रवाती तूफान मुरासु आंध्र प्रदेश के टकराने के बाद कई राज्यों में भारी बारिश करा सकता है। इस चक्रवात का नाम मुरासु है। इसके बाद सूची में अगला चक्रवात अक्वान होगा। इस नाम का सुझाव ईरान ने दिया है। अक्वान अरबी भाषा का शब्द है। इसका एक मतलब ब्रह्मांड या संसार होता है, तो वहीं दूसरा नाम जातियां या समुदाय है। कौम के बहुवचन के रूप में इसका अर्थ कई सारे समुदाय, जातियां या राष्ट्र होता है।

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