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Viral Post: कॉलेज जा रही बेटी का हुआ एक्सीडेंट, ड्राइवर मौके से फरार, मां ने पोस्ट लिख कर कंपनी से मांगा जवाब

Tue, 11 Nov 2025 05:30 PM IST
दीक्षा पाठक फीचर डेस्क, अमर उजाला

सार

Viral Post: शिल्पा ने बताया कि सुबह करीब साढ़े सात बजे उनकी बेटी कॉलेज जाने के लिए ऊबर से निकली थी। लेकिन रास्ते में अचानक कार का एक्सीडेंट हो गया। हादसे के वक्त कार का एयरबैग खुल गया जिससे ड्राइवर तो सुरक्षित बच गया, लेकिन एक्सीडेंट के तुरंत बाद वह वहां से भाग गया।
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एक्सीडेंट होते ही भाग खड़ा हुआ ड्राइवर - फोटो : social media
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विस्तार
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मोहाली से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने हर मां-बाप को सोचने पर मजबूर कर दिया है। सोचिए आप अपनी बेटी को कॉलेज भेजने के लिए कैब बुक करते हैं, ताकि वह सुरक्षित पहुंचे, लेकिन रास्ते में एक हादसा सब कुछ बदल देता है। यही हुआ शिल्पा अरोड़ा के साथ, जिन्होंने लिंक्डइन पर अपनी बेटी के साथ हुई घटना साझा की। तो आइए जानते हैं कि मामला क्या है।

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सोशल मीडिया पर वायरल हुई यह खबर
शिल्पा ने बताया कि सुबह करीब साढ़े सात बजे उनकी बेटी कॉलेज जाने के लिए ऊबर से निकली थी। लेकिन रास्ते में अचानक कार का एक्सीडेंट हो गया। हादसे के वक्त कार का एयरबैग खुल गया जिससे ड्राइवर तो सुरक्षित बच गया, लेकिन एक्सीडेंट के तुरंत बाद वह वहां से भाग गया। वहीं पीछे की सीट पर बैठी उनकी बेटी और उसकी सहेलियां कार के अंदर फंसी रह गईं।

एक्सीडेंट होते ही भाग खड़ा हुआ ड्राइवर
शिल्पा ने अपनी पोस्ट का टाइटल रखा, ‘कैब की जिम्मेदारी कहां है?’ उन्होंने लिखा कि हादसे के बाद उनकी बेटी को न तो ऊबर की तरफ से कोई मदद मिली और न ही ड्राइवर ने कुछ किया। बल्कि राह चलते लोगों ने इंसानियत दिखाते हुए उसे मोहाली के फोर्टिस अस्पताल पहुंचाया। उन्होंने कहा कि अगर उन लोगों ने मदद न की होती तो पता नहीं क्या हो जाता।
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शिल्पा ने उठाए सवाल
उन्होंने आगे लिखा कि माता-पिता के तौर पर वह और उनके पति दिल्ली से मोहाली भागे घबराए हुए, गुस्से और बेबसी से भरे हुए। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या ऊबर को पता नहीं चलता जब उनकी बुक की गई कैब का एक्सीडेंट होता है? एक बार राइड शुरू होने के बाद पैसेंजर की सुरक्षा कौन सुनिश्चित करता है? क्या बच्चों को ऐसे अजनबियों के भरोसे छोड़ा जा सकता है जबकि कंपनी अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लेती है?

अभी तक नहीं आया कंपनी का जवाब
शिल्पा ने कहा कि यह सिर्फ उनके परिवार का दर्द नहीं है, बल्कि हर उस पैरेंट का सवाल है जो अपने बच्चों को ऊबर जैसी कैब सर्विस पर भरोसा करके भेजता है। उन्होंने लिखा कि फिलहाल उनकी पहली प्रायोरिटी अपनी बेटी का इलाज है, लेकिन जैसे ही वह ठीक हो जाएगी, वह इस मामले को अंत तक ले जाएंगी ताकि जवाबदेही तय हो सके। इस घटना पर कंपनी की तरफ से भी जवाब आया। कंपनी ने कहा, “हमें इस हादसे पर गहरी चिंता है और हम आपकी बेटी के जल्द स्वस्थ होने की कामना करते हैं। एक स्पेशल टीम जांच कर रही है और संपर्क करने की कोशिश में है। कृपया ऐप में अपने मैसेज चेक करें।”

यूजर्स ने दिए ऐसे रिएक्शंस
लिंक्डइन पर कई यूजर्स ने शिल्पा का समर्थन किया और उनकी बात से सहमति जताई। एक यूजर ने लिखा, “सुनकर बहुत दुख हुआ, उम्मीद है आपकी बेटी जल्दी ठीक हो जाएगी।” वहीं किसी ने कहा, “अगर एक कंपनी के को-फाउंडर को ऐसा अनुभव झेलना पड़ रहा है तो आम आदमी ऐसी स्थिति में क्या करेगा?”

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