बीयर की एक कंपनी ने नया एक्सपेरिमेंट किया है। उन्होंने एक अनोखी बीयर बनाने के लिए इस्तेमाल किया है 50 हजार लीटर यूरिन। जी हां, एक म्यूज़िक फेस्टिवल से इकट्ठी की गई यूरिन को प्रोसेस किया गया। पिसनर नाम की इस बीयर में मानवीय अपशिष्ट नहीं है लेकिन लोगों को ये सोचकर भी घिन आ रही थी कि इसमें यूरीन का इस्तेमाल हुआ है।
यूरिन का इस्तेमाल खाद के रूप में किया गया
शराब बनाने वाली कंपनी 'नोरब्रो' ने ये स्पष्ट कर दिया है कि यूरिन का इस्तेमाल सिर्फ खाद के रूप में किया गया था और इसके फाइनल प्रोडक्ट में कोई भी मानवीय अपशिष्ट नहीं है। 'पिसनर बीयर' में जिस 'जौ' का प्रयोग किया गया है उसके प्रोडक्शन में खाद के रूप में इंसानों के पेशाब का इस्तेमाल किया है। आम तौर पर ये जानवरों के गोबर या फैक्ट्री में बने उवर्रक से बनता है।
इसे बीयरसाइक्लिंग भी कहा जाता है
नोरेब्रो के सीईओ 'हेनरिक वांग' ने कहा, ”जब हमने इस तरह से बीयर बनाने की जानकारी दी तो लोगों को लगा कि हम बीयर में सीधे पेशाब डाल रहे हैं। इसे सुनकर हमलोग खूब हंसे”। इस तरह के प्रयोग को ”बीयरसाइक्लिंग” कहा जाता है। ये अपने आप में ही एक नई बात है। अब देखना ये है कि इसे लोग कितना पसंद करते हैं।