आज के सोशल मीडिया के इस दौर में लोगों से कुछ भी छिपा पाना काफी मुश्किल है। कई बार हमारे सामने ऐसी खबरें भी आ जाती हैं, जिसे जानकर हम हैरान रह जाते हैं और यह सोचने पर मजबूर हो जाते हैं कि आखिर आज की दुनिया में लोगों के जान की कोई कीमत है या नहीं। अब हाल ही में, एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है। अहमदाबाद के मणिनगर इलाके में एक महिला को आइसक्रीम खाते वक्त उसमें मरी हुई छिपकली का टुकड़ा मिला। महिला ने बताया कि उसने अपने बच्चों के लिए हैवमोर ब्रांड के चार आइसक्रीम कोन खरीदे थे, जिनमें से एक कोन में यह गड़बड़ी पाई गई।
सोशल मीडिया पर वायरल हुई यह खबर
महिला ने बताया कि उसने यह आइसक्रीम मणिनगर की महालक्ष्मी कॉर्नर नाम की दुकान से खरीदी थी। जब वह एक कोन आधा खा चुकी थी तो उसे उसमें छिपकली की पूंछ जैसा कुछ दिखाई दिया। इसके तुरंत बाद महिला को पेट में तेज दर्द और उल्टी होने लगी। उसे नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां उसका इलाज जारी है। महिला ने एक वीडियो में कहा, “हमने चार आइसक्रीम कोन लिए थे। एक में छिपकली की पूंछ मिली। मुझे बार-बार उल्टी हो रही है। भगवान का शुक्र है कि मेरे बच्चों ने वो नहीं खाया। अगर कुछ हो जाता, तो हम कंपनी के खिलाफ केस करते। लोगों से कहना चाहती हूं कि खाने से पहले चीजों को ध्यान से देखें।”
आइसक्रीम के कोन में मिली छिपकली की पूंछ
महिला ने अहमदाबाद नगर निगम में शिकायत दर्ज करवाई। इसके बाद निगम की टीम ने कार्रवाई करते हुए उस दुकान को सील कर दिया, क्योंकि दुकान के पास खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत लाइसेंस नहीं था। खाद्य विभाग के अधिकारी डॉ. भाविन जोशी ने बताया कि उन्हें मीडिया से इस घटना की जानकारी मिली। उन्होंने तुरंत महिला से संपर्क किया और मामले की जांच शुरू कर दी। दुकान का निरीक्षण करने पर पता चला कि वह बिना लाइसेंस के चल रही थी, इसलिए उसे बंद कर दिया गया।
जांच में सामने आया कि जिस आइसक्रीम कोन में छिपकली का टुकड़ा मिला, वह नरोदा GIDC फेज-1 स्थित हैवमोर आइसक्रीम प्राइवेट लिमिटेड की फैक्ट्री में बनाई गई थी। अब उस बैच की सभी आइसक्रीम को बाजार से हटाने का आदेश दे दिया गया है।
कंपनी ने दी सफाई
हैवमोर ने पूर मामले पर सफाई देते हुए बयान जारी किया है। कंपनी की तरफ से कहा गया है कि घटना हमारे ध्यान में लाई गई है और हम फिलहाल मामले की जांच कर रहे हैं। हैवमोर में, हम अत्यंत सावधानी बरतते हैं और उत्पाद की गुणवत्ता और सुरक्षा के लिए उच्चतम वैश्विक मानकों को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
कंपनी ने आगे कहा कि मामले की गंभीरता को समझते हुए हमारी टीम तुरंत जांच करने के लिए ग्राहक के पास पहुंची। हमने ग्राहक से संपर्क करने के कई प्रयास किए हैं और अनुरोध किया है कि वह आइसक्रीम कोन हमें दें ताकि हम गहन जांच कर सकें। दुर्भाग्य से ग्राहक ने अभी तक नमूना नहीं सौंपा है जिससे आगे की जांच बाधित होती है और इससे निर्धारित करने की हमारी क्षमता सीमित हो जाती है कि क्या समस्या व्यक्तिगत पैक के साथ है या आपूर्ति श्रृंखला की शुद्धता में कोई गड़बड़ी है।
हम यह भी स्पष्ट करना चाहेंगे कि खाद्य निरीक्षकों की एक टीम ने 14.05.2025 को हमारे परिसर का दौरा किया और इसे खाने योग्य पाया। टीम ने कोई जुर्माना नहीं लगाया गया है। मीडिया में चलाई जा रही है जुर्माने की खबर गलत है। हालांकि, अहमदाबाद नगर निगम (AMC) द्वारा 50,000 रुपये का प्रशासनिक शुल्क लगाया गया था। कंपनी ने कहा कि हम आईसक्रीम बनाते समय सभी मानकों का पालन करते हैं। उत्पाद की शुद्धता को सुनिश्चित करने के लिए सभी प्रोटोकाॅल का पालन किया जाता है।