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NASA: नासा के रोवर ने मंगल ग्रह पर खोजे डायनासोर के अंडे! देखकर वैज्ञानिक भी हैरान

Sat, 23 Aug 2025 04:03 PM IST
धर्मेंद्र सिंह फीचर डेस्क, अमर उजाला

सार

NASA: अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के रोवर ने मंगल ग्रह पर ऐसी खोज है, जिसने पूरी दुनिया में हलचल मचा दी है। दरअसल, नासा के रोवर ने लाल ग्रह पर डायनासोर के अंडे जैसी अजीबोगरीब संरचना की खोज की है।
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नासा के रोवर ने मंगल ग्रह पर खोजे डायनासोर के अंडे! - फोटो : NASA
NASA: अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के रोवर ने मंगल ग्रह पर ऐसी खोज है, जिसने पूरी दुनिया में हलचल मचा दी है। दरअसल, नासा के रोवर ने लाल ग्रह पर डायनासोर के अंडे जैसी अजीबोगरीब संरचना की खोज की है। इस संरचना ने मंगल पर जीवन के संकेतों को लेकर नई बहस छेड़ दी है। नासा के क्यूरियोसिटी रोवर की मंगल ग्रह पर की गई खोज ने 'डायनासोर के अंडों' जैसी दिखने वाली इन संरचनाओं ने वैज्ञानिक समुदाय और आम जनता के बीच उत्साह और संभावनाओं को पैदा कर दिया है। 

दरअसल, यह संरचनाएं डायनासोर के अंडे नहीं हैं। हालांकि, इनकी असामान्य आकृति ने वैज्ञानिकों को हैरान कर दिया है। साथ ही वैज्ञानिकों में इसके स्रोत और इसके पीछे छिपे मंगल के भूवैज्ञानिक और संभावित जैविक इतिहास को जानने की दिलचस्पी बढ़ा दी है। 
 
क्यूरियोसिटी रोवर इन हाल ही इनकी पहचान की है। ये संरचनाएं आकार में चिकनी और गोलाकार हैं। कुछ संरचनाओं का आकार कंचे जितना छोटा है, तो वहीं कुछ फुटबॉल जितने बड़े हैं। पृथ्वी पर ऐसी आकृतियों का निर्माण आमतौर पर ज्वालामुखीय या तलछटी प्रक्रियाओं से होता है। इससे वैज्ञानिकों को मंगल की भूगर्भीय प्रक्रियाओं की तुलना पृथ्वी से करने का अवसर मिला है। 
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नासा के रोवर ने मंगल ग्रह पर खोजे डायनासोर के अंडे! - फोटो : Freepik
क्यूरियोसिटी मिशन की भूमिका

क्यूरियोसिटी का मिशन 2012 में मंगल पर उतरने के बाद से इस ग्रह की जीवन-योग्यता की जांच करना और जलवायु व भूविज्ञान का अध्ययन करना रहा है। इसने पहले भी प्राचीन जलधाराओं और खनिजों की मौजूदगी की खोज की है, जो संकेत देती हैं कि कभी मंगल पर तरल पानी मौजूद था। इन खोजों ने मंगल के इतिहास को समझने में बड़ी भूमिका निभाई है।
 
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नासा के रोवर ने मंगल ग्रह पर खोजे डायनासोर के अंडे! - फोटो : Freepik
वैज्ञानिक कर रहे हैं जांच 

डायनासोर अंडे जैसी संरचनाओं का भूवैज्ञानिक महत्व काफी है। अब वैज्ञानिक पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि आखिर इनका निर्माण कैसे हुआ। क्या यह ज्वालामुखी गतिविधि के कारण बनी हैं या लाखों वर्षों की तलछटी परतों के कारण? इससे मंगल के जलवायु और पर्यावरणीय अतीत की जानकारी मिल सकती है।

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नासा के रोवर ने मंगल ग्रह पर खोजे डायनासोर के अंडे! - फोटो : Freepik
छिपे हो सकते हैं प्राचीन जीवन के संकेत 

इन संरचनाओं में प्राचीन जीवन के संकेत भी छिपे हो सकते हैं। अगर मंगल ग्रह पर पानी और स्थिर जलवायु जैसी अनुकूल परिस्थितियां थीं, तो हो सकता है कि इन आकृतियों में कभी माइक्रोबियल जीवन रहा होगा। पृथ्वी पर ऐसी संरचनाएं अक्सर जैविक गतिविधियों से संबंधित होती हैं। 

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नासा के रोवर ने मंगल ग्रह पर खोजे डायनासोर के अंडे! - फोटो : Freepik
नासा के रोवर ने कैसे की खोज? 

क्यूरियोसिटी रोवर में अत्याधुनिक उपकरणों लगाए हैं। इसमें मार्स हैंड लेंस इमेजर (MAHLI) लगे हैं, जो चट्टानों की हाई रिजोल्यूशन तस्वीरें लेते हैं और केमकैम जो लेजर -स्पेक्ट्रोस्कोपी से चट्टानों की रासायनिक संरचना का विश्लेषण करता है। यह सैंपल एनालिसिस एट मार्स (SAM) जैसे उपकरणों की मदद से यह बेहद जटिल विश्लेषण भी कर सकता है। वैज्ञानिकों की मंगल ग्रह में काफी दिलचस्पी है। वर्षों से वैज्ञानिक लाल ग्रह पर जीवन की तलाश कर रहे हैं। 
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