अमेजन के जगलों में रहने वाली मारुबो जनजाति को काफी रूढ़िवादी माना जाता है। दरअसल, एलन मस्क की कंपनी स्टारलिंक ने इस जंगल में इंटरनेट पहुंचा दिया है। इसकी वजह से जनजाति की संस्कृति पर खतरा मंडराने लगा है। दरअसल, वहां पर आम लोगों की तरह जनजातीय बच्चों और युवाओं को इंटरनेट की लत लग गई है। वह अपना काम धंधा छोड़कर रील्स बनाने और पॉर्न देखने में लग गए हैं।
पहली बार अमेजन के जगलों में रहने वाली मारुबो जनजाति दुनिया से जुड़ी है। मीडिया रिपोर्ट्स की मुताबिक, मारुबो जनजाति की आबादी करीब दो हजार है। मारुबो जनजाति के युवाओं को सोशल मीडिया की ऐसी लत लग गई है कि वो सब कुछ भूल गए हैं।
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न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, मारुबो जनजाति नौजवान आलसी हो चले हैं। कुछ को पॉर्न देखने की लत लग गई है। इस जनजाति के लोग शिकार और मछली पालन करके अपना जीवनयापन करते हैं। लेकिन अब उन्होंने रोजी-रोटी की चिंता छोड़कर हाई-स्पीड इंटरनेट का मजा लेने लगे हैं।
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न्यूयॉर्क टाइम्स से 73 वर्षीय त्सेनामा मारुबो ने बात की है। उन्होंने कहा कि जब यहां पर इंटरनेट आया, तो हर कोई खुश था, क्योंकि इससे काफी फायदा है। इससे हमारी जिंदगी आसान हुई, लेकिन अब चीजें बदतर हो चुकी हैं। इंटरनेट की वजह से युवा आलसी हो गए हैं। वह गोरे लोगों के तौर-तरीके सीख रहे हैं।
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इंटरनेट के गलत आदवासियों की संस्कृति खतरे में पड़ गई है। वह दोस्तों के साथ चैट करते हैं और फोन से चिपके रहते हैं। उन्हें अश्लील सामग्री और गलत सूचनाएं मिल रही हैं। मारुबो संघ के नेता अल्फ्रेडो मारुबो ने इंटरनेट की आलोचना की है। उनका कहना है कि पोर्नोग्राफी से सबसे अधिक परेशान हैं। इससे युवा अधिक प्रभावित हैं।