सोचिए जरा, वो दिन कैसा होगा जब आप किसी एयरक्राफ्ट में बैठे होंगे और उसे उड़ाने वाला कोई और नहीं बल्कि एक कुत्ता होगा। कहते हैं ना ऐसा कुछ भी नहीं जो नामुमकिन हो।
डेली मेल के मुताबिक नामुमकिन लगने वाली इस बात को सच्चाई के पर लगाने के कोशिशें तेज कर दी गई हैं। एक नामी ब्रिटिश डॉक्यूमेंट्रीज को बनाने वाले लोगों की टीम ने इस तरफ काम करना शुरू किया है।
उन्होंने एक प्रयोग के तहत जानवरों के स्वभाव को समझने वाले एक्सपर्ट्स के साथ मिलकर ऐसे कुत्तों को ट्रेन करना शुरू किया है जो शेल्टर होम्स में रहते हैं।
हल्के एयरक्राफ्ट को मास्टर करने की कोशिश
इन कुत्तों को हल्के एयरक्राफ्ट को मास्टर करने की तकनीक सिखाई जा रही है। शोधकर्ताओं ने बताया कि कठिन तरह के टेक-ऑफ और लैंड करने की उम्मीद तो इन कुत्तों से कम ही है, पर उन्हें विमान उड़ाने के बेसिक तरीके सिखाए जा रहे हैं जिसमें वो सकारात्मक परिणाम दिखा रहे हैं।
अब तक दुनिया को विमान उड़ाने वाले जानवरों में 'विनी द पूह' और 'पीनट्स कार्टून' का स्नूपी ही पता है, जो खुद को पहले विश्व युद्ध के दौर का काबिल पायलट समझता है और रेड बैरन नाम के दुश्मन से विमान में ही बैठकर लड़ता रहता है।
बता दें कि इस प्रयोग के अवॉर्ड विजेता, ऑक्सफॉर्ड साइंटेफिक फिल्म्स काम में लग चुका है। वो असल में एक डॉक्यूमेंट्री बना रहे हैं जिसका नाम होगा 'डॉग माइट फ्लाई'। वो इस डॉक्यूमेंट्री को नए साल के अवसर पर स्काई चैनल पर पेश कर देंगे।
तो असल में कुत्ते सीख सकते हैं क्या-क्या?
शोध बताते हैं कि कुत्ते 160 शब्दों तक सीख सकते हैं। वो दिशा-निर्देशों को भी समझ सकते हैं। कुत्तों के स्वभाव और समझदारी को समझने वाली ब्रिटिश कोलंबिया युनिवर्सिटी की डॉ कोरन बताती हैं कि कुत्तों की सबसे समझदार प्रजातियां 250 शब्दों तक सीखने के काबिल होते हैं।
लेकिन साथ ही उन्होंने साफ किया कि कुत्तों का दिमाग ज्यादा से ज्यादा तीन से चार साल तक के बच्चे जितना हो सकता है। ऐसे जीव के हाथों कोई वाकई में उड़ान भरना चाहेगा, ऐसा उन्हें तो नहीं लगता।
बहरहाल, आगे क्या होगा ये तो देखना मजेदार होगा, लेकिन तब तक प्रोग्राम बनाने वालों ने इस बात भरोसा दिलाया है कि इसमें किसी भी कुत्ते को हानि नहीं होगी।