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Ajab-Gajab: सुनसान जंगल में क्यों और कहां से आती हैं भूतिया आवाजें? वैज्ञानिकों ने किया चौंकाने वाला दावा

Sat, 04 May 2024 05:11 PM IST
धर्मेंद्र सिंह फीचर डेस्क, अमर उजाला

सार

वैज्ञानिकों का कहना है कि जंगल में पीछे से आने वाली आवाजें किसी तरह का शोर (श्रवण पेरिडोलिया) के कारण होती हैं। उनका कहना है कि यह आवाजें किसी भूत या आत्मा की नहीं होती हैं। 
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सुनसान जंगल में क्यों और कहां से आती हैं भूतिया आवाजें? - फोटो : Istock
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विस्तार
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Ajab-Gajab: सुनसान जंगल में जाने पर कभी-कभी ऐसा महसूस होता कि पीछे से आवाज आ रही है या कोई चल रहा है। कई बार तो बेहद डरावनी आवाजें आती हैं, जिनसे लोग डर भी जाते हैं। मानों जैसे कोई हमारा पीछा कर रहा हो। भूत-प्रेत पर यकीन करने वाले लोगों को लगता है कि कोई आत्मा हमारे पीछे चल रही है। सवाल है कि आखिर जंगल में यह डरावनी आवाजें कहां से आती हैं? वैज्ञानिकों ने इसकी वजह का खुलासा किया है। 

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एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, वैज्ञानिकों का कहना है कि जंगल में पीछे से आने वाली आवाजें किसी तरह का शोर (श्रवण पेरिडोलिया) के कारण होती हैं। उनका कहना है कि यह आवाजें किसी भूत या आत्मा की नहीं होती हैं। अलग-अलग आवाजें इस शोर का स्त्रोत होती हैं। उन्होंने कहा कि जैसे, हवाई जहाज की आवाज, बहता पानी और पंखे की आवाज या कुछ और भी। 

ऑडियोलॉजिस्ट का कहना है कि इन आवाजों के कारण हमारे मस्तिष्क में एक खास पैटर्न का निर्माण होता है। इसके कारण यह आवाजें हमें सुनाई देती हैं। उनका कहना है कि जंगल में सुनाई देने वाली आवाजें वास्तव में वहां पर नहीं होती है। उनका कहना है कि विज्ञान की भाषा में इसे एक म्यूजिकल ईयर सिंड्रोम कहते हैं। इससे पीड़ित लोगों को महसूस होता है कि कोई उन पर नजर रख रहा है या उन्हें बुला रहा है, लेकिन ऐसा नहीं होता है। 
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क्या है वजह 

रिपोर्ट के मुताबिक, सेंटर फॉर हियरिंग लॉस हेल्प के सीईओ नील बाउमन का कहना है कि हम सभी के मस्तिष्क में एक डेटाबेस होता है, जिसका एक सेट पैटर्न है। उन्होंने कहा कि जो आवाजें हमें सुनाई देती हैं या जिनके बारे में हमें पता है। इसके पैटर्न के हिसाब से जो आवाज अच्छी लगती है, वो उसको चुनता है। वह इसे पकड़ लेता है। जैसा इंसान महसूस करता है, उसी तरह की तस्वीर मस्तिष्क तक जाती है और वह शब्द चुनता है। अगर पैटर्न अलग होगा, तो आवाज भी अलग होगी। 

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