ट्रेन पकड़ने की जल्दबाजी में कई बार यात्री ऐसे जोखिम भरे कदम उठा लेते हैं, जो उनके लिए जानलेवा साबित हो सकते हैं। खासकर जब कोई यात्री चलती हुई ट्रेन में चढ़ने की कोशिश करता है तो वह न केवल अपनी सुरक्षा को खतरे में डालता है, बल्कि यह रेलवे नियमों का भी गंभीर उल्लंघन होता है। इस तरह का व्यवहार कई बार बड़े हादसों का कारण बन जाता है। ऐसी ही एक घटना ओडिशा के कटक रेलवे स्टेशन पर हाल ही में देखने को मिली, जो थोड़ी सी चूक से एक बड़ी त्रासदी बन सकती थी, लेकिन एक बहादुर कांस्टेबल की सतर्कता ने एक जीवन को बचा लिया। तो आज की इस खबर में हम आपको इसी वीडियो के बारे में बताने जा रहे हैं।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
घटना में 44 वर्षीय एक यात्री, जो पश्चिम बंगाल के मिर्जापुर जिले का निवासी बताया जा रहा है, कन्याकुमारी-डिब्रूगढ़ एक्सप्रेस ट्रेन में सवार होने की कोशिश कर रहा था। लेकिन वह स्टेशन पर थोड़ी देर से पहुंचा और जैसे ही उसने ट्रेन में चढ़ने का प्रयास किया, ट्रेन पहले ही चल चुकी थी। संतुलन बिगड़ने की वजह से वह फिसल गया और प्लेटफार्म व ट्रेन के बीच गिरने ही वाला था। अगर वह नीचे गिर जाता तो सीधे ट्रेन के पहियों के नीचे आ सकता था, जिससे उसकी जान जा सकती थी।
कांस्टेबल ने बचाई जान
इसी दौरान ड्यूटी पर मौजूद एक कांस्टेबल ने तेजी से प्रतिक्रिया दी। उसने बिना समय गंवाए दौड़कर उस यात्री को पकड़ लिया और बाहर खींच लिया। कांस्टेबल की इस त्वरित कार्रवाई ने एक बड़ा हादसा टाल दिया। यात्री को कुछ हल्की चोटें आईं, लेकिन उसे तुरंत प्राथमिक उपचार उपलब्ध करा दिया गया, जिससे वह पूरी तरह सुरक्षित है।
यूजर्स ने दिए ऐसे रिएक्शंस
इस पूरी घटना का वीडियो स्टेशन पर लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गया और सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने लगा। वीडियो को माइक्रोब्लॉगिंग साइट एक्स पर @bisoyisujit87 नाम के यूजर ने साझा किया, जिसे अब तक 15 हजार से अधिक बार देखा जा चुका है। इस वीडियो पर लोगों की प्रतिक्रियाएं भी खूब आ रही हैं। एक यूजर ने लिखा, "चलती ट्रेन में कभी नहीं चढ़ना चाहिए।" दूसरे ने कहा, "लोग अपनी जान इतनी आसानी से क्यों खतरे में डालते हैं?" वहीं एक अन्य ने लिखा, "इस बहादुर कांस्टेबल को सलाम है, जिसने समय रहते जान बचाई।" इस बहादुरी के लिए ओडिशा के डीजीपी वाईबी खुराना ने कांस्टेबल को 2,500 रुपये का नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया। साथ ही वरिष्ठ पुलिस अधिकारी अरुण बोथरा ने भी कांस्टेबल की साहस की सराहना की।