बाघ से बचने के लिए 4 घंटे तक फंसा रहा शख्स
- फोटो : फेसबुक
सोशल मीडिया पर आए दिन कुछ न कुछ ऐसा देखने को मिल जाता है, जिसे देखकर लोग हैरान रह जाते हैं। हाल ही में मलेशिया से एक ऐसा वीडियो सामने आया जिसने देखने वालों की रूह तक कंपा दी। इस वीडियो में एक शख्स मौत से बचने के लिए घंटों तक संघर्ष करता नजर आया। दावा किया गया कि यह व्यक्ति करीब 4 घंटे तक एक ऊंचे पेड़ से चिपका रहा क्योंकि उसके नीचे एक भूखा मलायन टाइगर घूम रहा था। बाघ के डर से शख्स पेड़ से उतरने की हिम्मत ही नहीं जुटा पाया। तो आइए जानते हैं कि पूरा मामला क्या है।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
वायरल क्लिप में साफ देखा जा सकता है कि घने जंगल के बीच शख्स की बाइक गिर गई है। वहीं आसपास बाघ के गुर्राने की आवाजें सुनाई देती हैं। पेड़ पर चढ़ा शख्स अपने पूरे शरीर को तने से कसकर चिपकाए हुए है, मानो जरा सा ढीला पड़ा तो मौत सामने खड़ी हो जाएगी। किसी भी इंसान के लिए यह पल किसी डरावने सपने जैसा है। चार घंटे तक लगातार डर में लटकना आसान नहीं होता। यही वजह है कि इस वीडियो ने सोशल मीडिया यूजर्स का दिल दहला दिया।
बाघ से बचने के लिए 4 घंटे तक जूझता रहा शख्स
वीडियो सबसे पहले सोशल मीडिया पर सामने आया था। वहां इस पर लोगों की जबरदस्त प्रतिक्रिया देखने को मिली। महज कुछ ही समय में इसे 40 लाख से ज्यादा बार देखा गया। इसके बाद इसे फेसबुक अकाउंट पर डाला गया, जहां तो इसने रिकॉर्ड ही तोड़ दिए। वीडियो को अब तक 2 करोड़ से अधिक व्यूज मिल चुके हैं। लाखों लाइक्स और ढेरों कमेंट्स ने इसे इंटरनेट पर हॉट टॉपिक बना दिया है। लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं होती। जैसे-जैसे वीडियो वायरल हुआ, इसकी सच्चाई भी सामने आने लगी। दरअसल, यह वीडियो असल घटना नहीं बल्कि एक कंटेंट क्रिएशन निकला। इस वीडियो को बनाने वाले फहद एमके पेशे से कंटेंट क्रिएटर हैं। वे अक्सर इंटरनेट पर ऐसे ड्रामैटिक और हैरान कर देने वाले वीडियो बनाते रहते हैं। उनके ज्यादातर कंटेंट शहरी किंवदंतियों और रहस्यमयी घटनाओं पर आधारित होते हैं। यही वजह है कि लोगों को शक हुआ कि पेड़ पर चढ़ने के लिए शख्स के पास औजार कहां से आ गए और इतनी देर तक वह लटका कैसे रहा।
लोगों ने की शख्स की तारीफ
सोशल मीडिया पर अब इस वीडियो को लेकर लोगों की राय बंटी हुई है। कुछ लोगों ने कहा कि शख्स की हिम्मत काबिल-ए-तारीफ है। वहीं, कई यूजर्स ने इसे महज लाइक्स और व्यूज बटोरने का तरीका बताया। आलोचकों का कहना है कि ऐसे नकली कंटेंट लोगों के डर और जिज्ञासा का फायदा उठाकर सिर्फ पब्लिसिटी पाने के लिए बनाए जाते हैं।