देशभर में दशहरे का त्योहार धूमधाम से मनाया जाता है। इस दिन रावण का पुतला जलाया जाता है। इस बार द्वारका सेक्टर-10 के रामलीला मैदान में 221 फीट का रावण का पुतला बनाया गया है। आयोजकों ने दावा किया है कि यह दुनिया का सबसे ऊंचा रावण का पुतला है। इस पुतले की ऊंचाई करीब 22 मंजिला इमारत के बराबर है, जिसे 120 कारीगरों ने मिलकर तीन महीने में कड़ी मेहनत से बनाया है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर किया गया है। वीडियो में महिला ने रावण की झलक दिखाई है। वीडियो में रावण का विशाल आकार देखकर लोग हैरान हैं। इसे देखने के लिए लोगों को अपनी गर्दन से काफी मेहनत करनी पड़ेगी। इसे दिल्ली का सबसे ऊंचा रावण बताया जा रहा है। हालांकि, अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि की नहीं हुई है।
कैसे तैयार किया गया पुतला?
रावण के पुतले को बनाने में करीब सात टन लोहे का इस्तेमाल किया गया। इस स्थित रखने के लिए जमीन में 10 फीट गहरा गड्ढा खोदा गया। रावण की पोशाक वाटरप्रूफ वेलवेट से बनी हुई है। सिर्फ उसका मुकुट 25 फीट का है।
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कितना खर्च हुआ पुतला को बनाने में?
रावण के पुतले को बनाने में करीब 40 लाख रुपये खर्च हुए हैं। कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि रावण को बनाने में 38 लाख से लेकर 55 लाख रुपये तक खर्च हुए हैं। पुतले की इतनी ऊंचाई है कि मेट्रो ट्रेन में बैठे यात्री भी देखकर हैरान हो रहे हैं। कारीगरों ने इसे अलग-अलग हिस्सों में बनाया और फिर क्रेनों की मदद से जोड़ा। बांस और लोहे के फ्रेमवर्क से मजबूत ढांचा बनाया गया है कि आंधी और बारिश में भी सुरक्षित रहे।
रिमोट कंट्रोल से किया जाएगा दहन
आयोजकों का कहना है कि इस बार रावण को रिमोट कंट्रोल से जलाया जाएगा। पर्यावरण के अनुकूल ग्रीन पटाखों का इस्तेमाल किया जाएगा, जिससे प्रदूषण कम होगा और सुरक्षा भी रहेगी। विशाल रावण को देखकर लोग काफी उत्साहित हैं। सोशल मीडिया पर इसकी तस्वीरें और वीडियो वायरल हो रहे हैं।
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दिल्ली में कहां बनाए जाते हैं रावण के पुतले?
पश्चिम दिल्ली के टैगोर गार्डन के पास स्थित तितारपुर क्षेत्र में रावण बनाए जाते हैं। इसे एशिया में रावण के पुतले बनाने का सबसे बड़ा हब माना जाता है। इसे सुपरमार्केट ऑफ रावण भी कहा जाता है। यहां बने पुतले दिल्ली-एनसीआर के अलावा अन्य जगहों पर भी भेजे जाते हैं।
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221 फीट ऊंचे रावण के पुतले की क्या है खासियत और कैसे जलाया जाएगा?
यह रावण का पुतला वाटरप्रूफ है। इसका पोशाक वाटरप्रूफ वेलवेट से बनाया गया है। बताया जा रहा है कि इसे बनाने में 38 लाख से लेकर 55 लाख रुपये तक खर्च हुए हैं। इस बार यह रिमोट से जलाया जाएगा। 221 फीट के रावण के पुतले को बनाने के लिए करीब सात टन लोहे का इस्तेमाल किया गया है। सबसे बड़ी बात है कि 120 कारीगरों ने मिलकर तीन महीने में बनाया है।