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बेबसी की हद: वो कमाने गया, पर दुनिया छोड़ चला...लाचारी इतनी कि परिवार के पास शव जलाने तक के पैसे नहीं

Mon, 31 Jul 2023 06:34 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जमुई

सार

Bihar News: जमुई से गुजरात के जामनगर मजदूरी करने गए एक युवक की शनिवार को संदिग्ध परिस्थिति में मौत हो गई। जब उसका शव गांव पहुंचा तो परिवार के सामने शव का अंतिम संस्कार करने के लिए पैसों का संकट आन पड़ा। युवक का अंतिम संस्कार कैसे हुआ यह जानने के लिए पढ़ें पूरी रिपोर्ट...।
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युवक का शव गांव पहुंचने के बाद ग्रामीणों में मातम छाया हुआ है - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बिहार के जमुई से गुजरात में मजदूरी का काम करने गए एक युवक की संदिग्ध परिस्थिति में मौत हो गई। उसका शव गांव पहुंचते ही परिजनों में हाहाकार मच गया। वहीं, परिवार के सामने शव का अंतिम संस्कार करने के लिए पैसों का संकट आन पड़ा। मृतक की पहचान जमुई के झाझा थाना के महापुर गांव स्थित गूंगाकुरा मांझी टोला निवासी हीरा मांझी के बेटे सूरज (27) के रूप में हुई है।

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जानकारी के मुताबिक, सूरज गुजरात के जामनगर स्थित रिलायंस कंपनी में काम करता था। अचानक शनिवार रात उसकी मौत हो गई। हालांकि स्थानीय लोग और कंपनी की मदद से उसे इलाज के लिए ले जाया गया। जहां जांच के बाद डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। उसके बाद कंपनी की ओर से सूरज के शव को उसके गांव झाझा थाना के महापुर गांव स्थित गूंगाकुरा मांझी टोला भेजा गया। जहां युवक का शव गांव पहुंचते ही परिजनों में चीत्कार होने लगी। घटना को लेकर पूरे गांव में मातम छा गया।

अंतिम संस्कार के लिए नहीं है परिवार के पास पैसा
सूरज के परिजन आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। ऐसे में शव के दाह संस्कार के लिए परिजनों के बीच आफत आ गई है। वहीं, घटना की जानकारी मिलते ही जिला परिषद प्रतिनिधि राकेश सिंह मृतक सूरज के घर पहुंचे। उन्होंने महापुर के पंचायत सचिव अविनाश को फोन लगाकर युवक के शव के दाह संस्कार के लिए कबीर अंत्येष्टि से मिलने वाली राशि को अविलंब दिलाए जाने की बात कही। लेकिन पंचायत सचिव ने जवाब दिया सरकार के पास इस योजना के लिए अभी कोई राशि नहीं है। उसके बाद गांव के ग्रामीणों और जिला परिषद प्रतिनिधि ने दाह संस्कार के लिए पैसों का इंतजाम किया। इस सबके बाद ही सूरज के शव का दाह संस्कार किया जा सका।

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