मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने आज मुख्यमंत्री सचिवालय स्थित ‘संवाद’ सभागार में श्रावणी मेला-2026 की तैयारियों की समीक्षा की। समीक्षा के दौरान वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलों के जिलाधिकारी एवं वरीय पुलिस अधीक्षक / पुलिस अधीक्षक भी जुड़े रहे।
तैयारियों को लेकर विस्तृत प्रस्तुतीकरण
बैठक में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव जय सिंह ने श्रावणी मेला-2026 की तैयारियों को लेकर प्रस्तुतीकरण के माध्यम से सुरक्षा एवं विधि-व्यवस्था का संधारण, पेयजल, शौचालय, स्नानागार, साफ-सफाई, निर्बाध विद्युत आपूर्ति, स्वास्थ्य एवं चिकित्सा व्यवस्था, टेंट, पंडाल, जलापूर्ति, सीसीटीवी, अग्निशमन आदि व्यवस्थाओं की विस्तृत जानकारी दी।
विभिन्न विभागों ने दी तैयारी की जानकारी
बैठक में पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अपर मुख्य सचिव आनंद किशोर, आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव संतोष कुमार मल्ल, नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव विनय कुमार, कृषि विभाग के प्रधान सचिव नर्मदेश्वर लाल, पर्यटन विभाग के सचिव लोकेश कुमार सिंह, पथ निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल, स्वास्थ्य विभाग के सचिव कुमार रवि, ऊर्जा विभाग के सचिव अजय यादव, खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के सचिव दीपक आनंद, जल संसाधन तथा सूचना एवं जन-संपर्क विभाग के सचिव डॉ. चन्द्रशेखर सिंह, डेयरी, मत्स्य एवं पशुपालन विभाग के सचिव शीर्षत कपिल अशोक, परिवहन विभाग के सचिव राजकुमार तथा लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग के सचिव राजेश कुमार ने अपने-अपने विभागों द्वारा की जा रही तैयारियों की विस्तृत जानकारी दी।
सुरक्षा और विधि-व्यवस्था पर विशेष जोर
अपर पुलिस महानिदेशक लॉ एंड ऑर्डर सुधांशु कुमार ने बैठक में विधि-व्यवस्था और सुरक्षा तैयारियों को लेकर विस्तृत जानकारी दी। समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि सभी जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक श्रावणी मेला की तैयारी अच्छे ढंग से करें और व्यवस्थाओं के संबंध में विस्तृत प्रतिवेदन तैयार करें।
श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा पर फोकस
मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधाओं और सुरक्षा को लेकर व्यापक कार्ययोजना बनाई जाए। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की भीड़ को व्यवस्थित रखने के लिए विशेष तैयारी की जाए, ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था उत्पन्न न हो।
कांवरिया पथ पर रहें बेहतर सुविधाएं
मुख्यमंत्री ने निर्देश देते हुए कहा कि कांवरियों को किसी प्रकार की कठिनाई न हो, यह सुनिश्चित किया जाए। पैदल पथ को व्यवस्थित और सुविधाजनक बनाया जाए। शौचालय, साफ-सफाई और पेयजल की बेहतर सुविधा उपलब्ध कराई जाए। कांवरिया पथ पर बने प्रमुख विश्राम स्थलों के पास स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध रहें।
स्वास्थ्य और बिजली व्यवस्था पर निर्देश
मुख्यमंत्री ने कहा कि कांवरिया स्थलों पर चिकित्सा की आपातकालीन सुविधा उपलब्ध रखी जाए, ताकि स्वास्थ्य संबंधी समस्या होने पर श्रद्धालुओं का त्वरित इलाज हो सके। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि कहीं भी बिजली के नंगे तार न रहें और निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।
शिवालयों में भीड़ नियंत्रण के निर्देश
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि राज्य के शिवालयों में जल चढ़ाने के दौरान भीड़ को नियंत्रित और व्यवस्थित रखना सुनिश्चित किया जाए। श्रद्धालुओं की सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा जाए।
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कई मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में उप मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, उप मुख्यमंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव, राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल, स्वास्थ्य मंत्री निशांत, नगर विकास एवं आवास मंत्री नीतीश मिश्रा, आपदा प्रबंधन मंत्री रत्नेश सादा, पथ निर्माण मंत्री कुमार शैलेन्द्र, डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन मंत्री नंद किशोर राम, बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के उपाध्यक्ष डॉ. उदय कांत, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह, पुलिस महानिदेशक विनय कुमार सहित संबंधित विभागों के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलों के जिलाधिकारी एवं वरीय पुलिस अधीक्षक/पुलिस अधीक्षक भी बैठक से जुड़े रहे।