बलियावी ने हजारीबाग में कहा था कि शहरों को कर्बला बना देंगे।
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बलियावी अपनी बातों पर कायम, बस उसे घुमा रहे
बलियावी ने हजारीबाग में जनसभा में धार्मिक नेता बनकर बयान दिया था और जब पटना में उनसे इसपर प्रतिक्रिया मांगी गई तो राजनीतिक अंदाज में नजर आए। उन्होंने कहा कि वह अपनी बात पर कायम हैं, हालांकि साथ ही यह भी कहा कि "कर्बला पहचाना जाता है सब्र, साहस, हिम्मत, मजलूमियत और शहादत के लिए। मैं अपने हक और हिस्से के लिए अपने लोगों को जागरूक होता देख खुश हो रहा हूं। हमारे बच्चों के साथ अन्याय हो रहा है। सच्चर कमिटी, रंगनाथ मिश्रा कमिटी हमारे लिए बनी। दलित से बदतर हमें माना जाता है। बगैर सबूत आतंकवादी-जेहादी हमें कहा जाता है। हम भड़का नहीं रहे, बस सच कह रहे हैं। वैसे हम कर्बला वाले हैं, सब्र वाले हैं, सब्र से जी रहे हैं। हम पानी बंद करने वाले नहीं, पानी पिलाने वाले हैं। उन्होंने सफाई दी कि हमने तलवार उठाने या खून करने की बात नहीं कही। बस यह बताया कि झारखंड बने हुए जमाना हो गया, लेकिन 2003 से बुनकर समिति नहीं बनी। उर्दू शिक्षकों की बहाली नहीं हुई। माइनॉरिटीज कमीशन का गठन नहीं हुआ। जिंदगी के लिए संविधान, बंदगी के लिए कुरान है...लेकिन हमारे ऊपर और कुछ थोपना गलत है। उसका विरोध तो बलियावी जरूर करेगा।"