पीएम नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच दो अनौपचारिक शिखर सम्मेलनों से बनी खुशमिजाजी से भारत-चीन 2019 में संबंधों की गतिशीलता बनाए रखने में सफल रहे। चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हुआ चुनयिंग ने कहा, चीन आम सहमति के तहत भारत के साथ मजबूत विकास साझेदारी कायम करने का इच्छुक है।
दोनों देशों के बीच बढ़ते राजनीतिक विश्वास, व्यावहारिक सहयोग में विस्तार, मतभेदों के ठीक तरह से प्रबंधन और एक मजबूत व स्थिर तरीके से द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने से संबंधों को बल मिला। इस समय, विभिन्न क्षेत्रों में आदान-प्रदान और सहयोग से चीन-भारत संबंधों में विकास की अच्छी गति देखने को मिली है।
उन्होंने कहा कि मोदी और जिनपिंग के बीच महाबलीपुरम में हुई दूसरी वार्ता से द्विपक्षीय संबंधों में अगले चरण की शुरुआत हुई है। दोनों देशों का शीर्ष नेतृत्व का मार्गदर्शन इसलिए जरूरी है क्योंकि चीन द्वारा अपने सहयोगी पाकिस्तान का साथ देने के चलते इस साल दोनों देशों के बीच संबंध मिलेजुले रहे।