बिहार विधानमंडल के बजट सत्र का पहला दिन हंगामेदार रहा। स्कूलों में सूर्यनमस्कार के मुद्दे पर सदन में हंगामा मचा। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही राज्यपाल देवानंद कुंवर के अभिभाषण के दौरान विपक्षी राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के विधायकों ने जमकर नारेबाजी की।
राज्यभर के स्कूलों में चौथी से सातवीं कक्षा तक के बच्चों से सूर्य नमस्कार कराए जाने का आरजेडी विधायकों ने विरोध किया। आरजेडी के इस विरोध को देखते हुए सत्तारूढ़ बीजेपी के विधायकों ने भी आरजेडी के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। इससे सदन में हंगामा मच गया।
राज्यपाल द्वारा अभिभाषण में अल्पसंख्यक कल्याण योजनाओं के उल्लेख के दौरान आरजेडी के अखतारुल इमान स्कूलों में सूर्यनमस्कार कराने की योजना पर विरोध प्रकट करते हुये खड़े हो गये। उन्होंने कहा कि यह आरएसएस के इशारों पर किया जा रहा है, आखिर भगवा दल के सदस्यों को किस बात का गुस्सा है।
इमान के इस बयान पर स्वास्थ्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे और पशु एवं मत्सय संसाधन मंत्री गिरीराज सिंह भड़क गये। भाजपा के अन्य विधायक सदन की वेल में कूद गये और राजेडी विधायकों की ओर बढ़ने लगे। इस पर भाजपा के वरिष्ठ विधायकों ने उन्हें रोका। इसके साथ ही सदन में भाजपा की ओर से जय श्री राम, भारत माता की जय, वंदे मातरम, और हर हर महादेव जैसे नारे गूंजने लगे। वहीं जदयू विधायक इस हंगामे पर चुप्पी साधे और असमंजस में नजर आये।
गौरतलब है कि बिहार सरकार ने राज्य के सरकारी स्कूलों में सूर्य नमस्कार को पहले अनिवार्य कर दिया था। बाद में मुस्लिम संगठनों के भारी विरोध को देखते हुए सोमवार से सभी जिलों में चौथी से सातवीं कक्षा तक के स्कूली बच्चों के लिए इसे वैकल्पिक बना दिया गया। इस साल देश भर में स्वामी विवेकानंद की 150 वी जयंती मनाई जा रही है और इसी के तहत बिहार के हर स्कूल में सूर्य नमस्कार कराने की नई परंपरा शुरू हुई है।